heart attack

Winter alert: सर्दियों में क्यों बढ़ जाते हैं स्ट्रोक और हार्ट अटैक (stroke and heart attack) के मामले

क्या हैं जरूरी उपाय स्ट्रोक और हार्ट अटैक(stroke and heart attack) से बचने के और किसे रखना चाहिए अपने सेहत पर ज्यादा ख्याल….

  • पर्यावरण में ठंड बढ़ने के कारण शरीर में खून को ले जाने और ले आने वाली रक्त वाहिकाएं(Blood vessel) सिकुड़ने लगती हैं। ऐसे में ये परेशानी को दावत दे सकती हैं।
  • ऐसे में ब्लड प्रेशर का दबाव बढ़ जाता है, जिसके चलते ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामलो में वृद्धि दिखती है।
  • लोगों के रहन सहन, खाने का ढंग के साथ साथ था बीमारी लोगों में जेनेटिक भी हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार अगर परिवार के सदस्य ऐसे कोई बीमारी से जूझ रहे हों तो ज्यादा चांसेज हैं की आगे आने वाली पीढ़ी में भी इसके लक्षण लगभग 50 से 60 फीसद दिख सकते हैं।
  • पीछले 2 से 3 वर्षो में जिस प्रकार से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या कार्डियक अरेस्ट के मरीजों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है। उसका सबसे बड़ा कारण कोरोना महामारी है जिसने पूरे विश्व को अपने चपेट में लेकर आंशिक रूप से लोगों को कमजोर बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी ।
  • यह भी नहीं है की ऐसी बीमारियां पहले नहीं थी पर अगर भारत जैसे देश की बात करें तो ऐसे मामले कम ही आते थे। पर आज आए दिन सेलिब्रिटी, राजनेता, आम लोग या कहें अन्य तबके के लोग इसके शिकार हो रहे हैं।
  • राजू श्रीवास्तव ब्रेन स्ट्रोक से मौत, रोहित शरदाना हार्ट अटैक, सिद्धार्थ शुक्ला हार्ट अटैक, केके कार्डियक अरेस्ट ऐसे कई नाम हैं जो इसके शिकार हुए।

2022 में अगर मौसम विभाग की माने तो ठंड ने इस बार बहुत पहले ही दस्तक दे दिया है। जहां पहले दिल्ली का तापमान 28 अक्टूबर के बाद 15 डिग्री सेल्सियस जाता था वहीं इस बार यह अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ही नीचे चला गया।

कैसे रखा जाए अपना ख्याल

सर्दियों के मौसम को सेहत का मौसम भी कहा जाता है, लेकिन अगर शरीर का इस मौसम में ध्यान न रखा जाए तो यह मौसम उसी रूप में नुकसान भी पहुंचा सकता है। अधिक ठंड के कारण जब blood vessels में सिकुड़न आने लगती है तो ऐसे समय में दिल का काम और बढ़ जाता है जिससे उसे और जोर लगाना पड़ता है। जिसके कारण ब्लड प्रेशर में वृद्धि के साथ स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसे बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है। (stroke and heart attack)

यूरोपियन जर्नल ऑफ एपीडिमियोलॉजी के मुताबिक, वे लोग जो मोटे हैं, धूम्रपान का सेवन करते हैं या फिर उच्च ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित हैं। उन्हें अन्य व्यक्तियों की तुलना में 30 फीसद अधिक स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा रहता है। वहीं अमेरिकी एजेंसी सीडीसी का कहना है कि, अगर ब्लड प्रेशर हमेशा बढ़ा रहे तो न केवल इससे दिल को नुकसान होगा बल्कि इससे स्ट्रोक आने के चांसेज और बढ़ जाते हैं।

सर्दियों में और घातक हो जाते हैं ये रोग

  1. ब्लड प्रेशर में वृद्धि होना :- ठंड के मौसम में कम तापमान के चलते हमारा शरीर अपने को गर्म बनाए रखने के लिए प्राकृतिक रूप से सिकुड़ने लगता है। ऐसे में शरीर में ब्लड पहुंचाने वाली रक्त वाहिकाएं जो की एक पाइप की तरह होती हैं भी सिकुड़ने लगती हैं। जिससे रक्त को इन सिकुड़ी हुई रक्त वाहिकाओं से गुजरने में अधिक दबाव लगाना पड़ता है। जिसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
  2. ब्रेन स्ट्रोक या कहें केवल स्ट्रोक के खतरे में वृद्धि:- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, अत्यधिक ठंड के समय शरीर में फ्लो कर रहे रक्त गाड़े और चिपचपे हो जाते हैं, जिससे खून का थक्का आसानी से बन सकता है या बनने लगता है। ज्यादातर स्ट्रोक आने का कारण खून का थक्का बनना हो होता है। यह थक्का मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करता है।
  3. हार्ट अटैक का खतरा:- न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई स्थित आइकन स्कूल ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, सर्दियों में ठंड और फ्लू से बचाव के लिए इम्यून सिस्टम के रक्त का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। जिसके चलते धमनियों(Artery) की दीवारों पर प्लेट जमा होता है। जिससे हार्टअटैक का रिस्क बढ़ जाता है।

सर्दियों के मौसम में स्ट्रोक और हार्ट अटैक (stroke and heart attack) जैसे बीमारियों से बचाव के लिए अपनाए यह तरीका

आज के इस भागते हुए दुनिया में बेशक आप के पास समय की कमी हो लेकिन आप तभी भाग सकते हैं जब आपका शरीर स्वस्थ हो। खासकर वे लोग जिनका इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक शक्ति) कमजोर है उन्हें खासकर अपने हेल्थ पर ध्यान रखना चाहिए और समय-समय पर अपने पारिवारिक डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। हर व्यक्ति के लिए अलग डाइट है अलग पोषण आहार हैं। पर हम जो फॉर्मूला बताने जा रहे हैं वो लगभग सबके लिए जरूरी है और ये फॉर्मूला आप बिना रुपए खर्च किए घर पर ही फॉलो कर सकते हैं। (stroke and heart attack)

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20:30:40 इसका तात्पर्य प्रतिदिन 20 मिनट धूप लें, 30 फीसद प्रोटीन का सेवन करें और 40 मिनिट एक्सरसाइज करें(आपके लिए कौन सी एक्सरसाइज परफेक्ट है इसके लिए आप अपने फैमिली डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं)।  

20 मिनट धूप: बीमारियों से लड़ने के लिए अधिक मात्रा में बनती है एंटीबॉडी
सीडीसी के अनुसार, किसी भी बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम एंटीबॉडी बनाता है। धूप लेने से शरीर यह एंटीबॉडी अधिक मात्रा में बनाने लगता है। इसके अलावा धूप सूजन और हाई ब्लड प्रेशर को भी कम करने में सहायक होती है। वहीं, मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। इसलिए प्रतिदिन सुबह की धूप में 20 मिनट जरूर बैठें। यह कार्य सुबह 9 बजे से पहले कर लें उसके बाद की धूप रिसर्चल ज्यादा अच्छा नहीं मानते.

30 प्रतिशत प्रोटीन: सर्दियों में भूख को कम करता है, वजन बढ़ने से रोकता है
शरीर में सूरज की रोशनी पड़ने पर सेरोटोनिन हार्मोन रिलीज होता है जो मूड बेहतर करता है। यही हार्मोन कार्बोहाइड्रेट भी रिलीज करता है। चूंकि, सर्दियों में धूप ज्यादा तेज नहीं होती है । जिसकी वजह से हमें भूख का अहसास ज्यादा हो सकती है। प्रोटीन, भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन को कम करता है। भोजन में ली जाने वाली कैलोरी यदि 30 से 35 फीसदी प्रोटीन से आए तो भूख कम लगती है। इससे वजन बढ़ने की आशंका कम होती है।

40 मिनट एक्सरसाइज: बीपी और स्ट्रोक का खतरा 27% तक कम हो जाता है
सर्दियों में रोजाना 40 मिनट एक्सरसाइज हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक के खतरे को 27% तक कम करती है। इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री, साइकोलॉजी और न्यूरोसाइंस कहता है, रोजाना 30 से 40 मिनट एक्सरसाइज करने वाले लोगों में डिप्रेशन का खतरा 28% तक कम रहता है।

संदर्भ

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