वीडियोग्राफी और दृश्य साक्षरता

वीडियोग्राफी

आज के वेब जाल के युग में वीडियोग्राफी का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ गया है। पर, लगभग 20 साल पहले वीडियोग्राफी केवल पेशवरों और अमीर लोगों के पहुँच में ही होती थी। इसका कारण उस समय तकीनकों का उतना आधुनिकीकरण नहीं था और जो था भी वह बहुत ज्यादा महंगा और मेहनत भरा था।

उस समय जो भी वीडियो रिकॉर्ड किये जाते थे वो बड़े महंगे दामों पर मिलते थे, जो कि सबके पहुँच में नहीं था। लेकिन पिछले 15 वर्षों में टेक्निक बहुत ज्यादा विकसित हो चुकी है और लगभग हर व्यक्ति तक सस्ते दामों में पहुँच रही है।

वीडियोग्राफी के परिभाषा को देखें तो, वीडियोग्राफी वीडियो शूट करने की कला है जिसमें सामने वाले ऑब्जेक्ट की प्रक्रिया सामिल होती है और जिससे दर्शकों को वांक्षित प्रभाव (desired effect) देखने को मिलता है, वीडियोग्राफी कहते हैं।

आज वीडियोग्राफी के लिए डिजिटल कैमरे, डिजिटल मोबाइल और कैमकॉर्डर अधिक प्रासंगिक हैं। जिसमें वीडियोग्राफी टेप, हार्ड ड्राइव, DVD/CD(इनका प्रयोग लगभग न के बराबर रह गया है), PENDRIVE, SSD(सॉलिड स्टेट ड्राइव), ब्लू रे जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग वीडियो के छवियों को अपने अंदर समाहित, संग्रहित और स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। जो कि पहले सीमित मात्रा में संभव था जिसकी एक रेखा होती थी।

आज वीडियोग्राफर कोई भी वह व्यक्ति हो सकता है जो वीडियो शूट कर रहा है। फिर चाहे वह tiktok के लिए वीडियो शूट कर रहा हो, इंस्टाग्राम रील्स के लिए कर रहा हो, यूट्यूब के लिए कर रहा हो, पत्रकार के साथ ग्राउंड या स्टूडियो में वीडियो शूट कर रहा हो या फिर वीडियो के निर्माण के प्रभारी(In charge) के रूप में काम कर रहा हो आदि; एक वीडियो ग्राफर हो सकते हैं।

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वीडियोग्राफी वह धारणा(Conception) है जिसके अंतर्गत वीडियो के शुरुआती रेकॉर्डिंग से लेकर वीडियो के अंतिम रिकॉर्डिंग तक का उत्पाद एक लय में जुड़ा होता है। इसके अंतर्गत छोटे पैमाने पर कुछ व्यक्तियों की टीम से लेकर एक व्यक्ति तक हो सकती है जो वीडियो को शूट करने के साथ-साथ उस वीडियो की सेटिंग और संपादन तक प्रत्येक कार्य करता है।

पिछले 2 दशकों में मुख्य रूप से वीडियो संग्रहित और उसे संपादित करने के लिए तकनीकों में प्रगति के कारण आज वीडियोग्राफी और सिनेमेटोग्राफी के बीच अंतर काफी कम रह गया है। जिसके चलते कई वीडियोग्राफर अपने आप को सिनेमैटोग्राफर की संज्ञा देने लगे हैं। परंतु आज वीडियो कैप्चर और एडिटिंग टूल के एक समान टेक्निक के बावजूद भी दोनों के ही बीच एक सरल पर बहुत बड़ा अंतर वर्तमान में अभी भी मौजूद है। सामान्यतः सिनेमेटोग्राफी में सिनेमा या थिएटर के लिए बनाई गई फिल्मों के निर्माण में दृश्य और समग्र दिशा (overall direction) शामिल होती है। जबकि वीडियोग्राफी, चाहे कितनी भी बड़ी हो, किसी भी ऐसे उत्पादन को संदर्भित करता है जो सिनेमा या थिएटर के लिए अभिप्रेत (intended) नहीं है; जैसे कि, टीवी के लिए या इंटरनेट के लिए बनाई गई वीडियो, जिन्हें बाद में स्ट्रीम किया जाना है।

दृश्य साक्षरता (Visual literary)

दृश्य को अंग्रेज़ी में विजुअल कहते हैं वहीं साक्षरता को अंग्रेज़ी में लिटरेसी कहते हैं। यानी अगर इसके अर्थ को समझें तो दृश्य को समझने व जानने वाला। कोई भी छवि या दृश्य किसी भी रूप में हो सकती है, बशर्ते ये आपके समझने के ऊपर है कि आप उसे किस प्रकार से समझते हैं और फिर अनुग्रहित करते हैं।

प्रत्येक दृश्य अपने आप मे एक साहित्य लिया हुआ होता है जिसे समझने के लिए दृश्य रूप से साक्षर होना बहुत जरूरी है।

आपका फोकस किस ऑब्जेक्ट पर है इस बात का ध्यान फोटोग्राफी करते हुए जरूर होना चाहिए और एक बार उसका निरक्षण कर लेना आवश्यक है

सीधे अगर कहा जाए तो दृश्य साक्षरता आज से नहीं वरन उस युग से विद्यमान है जब हमारे पूर्वज गुफाओं में रहा करते थे और कंदमूल और जानवरों के शिकार पर आश्रित रहते थे। आप अजंता और एलोरा की गुफाओं में जा सकते हैं और वहाँ के दृश्यों को देखकर समझ सकते है कि उस समय के कलाकारों में कितनी प्रतिभा थी। ठीक यही प्रतिभा, आज के वर्तमान युग मे भी देखने को मिलता है। अब चाहे वह मूर्ति के रूप में हो या होलोग्राम के रूप में।

मुख्यतः हर जगह, हर समय दृश्य साक्षरता विद्यमान रहती है। जैसे कि शाम या सुबह होते समय हम समझ सकते है कि शाम हो रही है। ठीक इसी प्रकार हम रंगों के माध्यम से भी यह जान सकते हैं कि कौन सा रंग खतरे के लिए है या कौन सा रंग अच्छे के लिए आदि को दर्शाता है। इसका प्रयोग मौसम विभाग, भौगोलिक जैसे क्षेत्रों में परिस्थितियों को सरल करने के लिए लिया जाता है ताकि उसे आसानी से समझा जा सके।

दृश्य साक्षरता एक छवि के रूप में प्रस्तुत जानकारी से व्याख्या करने, बातचीत करने और अर्थ बनाने की क्षमता है, जो साक्षरता के अर्थ का विस्तार करती है, जो आमतौर पर लिखित या मुद्रित पाठ की व्याख्या का प्रतीक है। दृश्य साक्षरता इस विचार पर आधारित है कि चित्रों को 'पढ़ा' जा सकता है और यह अर्थ पढ़ने की प्रक्रिया के माध्यम से हो सकता है।

हम इसे एक उदाहरण से समझने का प्रयास करते हैं। आप में से कई लोगों ने पेपर देने के समय आपके प्रश्नों में एक प्रश्न शायद देखा होगा कि, इस चित्र को देखकर बताइए कि यह चित्र क्या बताना चाहता है? वास्तव में इस प्रश्न से एक परीक्षार्थी के दिमाग का परीक्षण होता है कि वह किसी चित्र को लेकर कैसी सोचर खता है। यहाँ आप मोनालिसा की तस्वीर सामने रखकर इस प्रश्न को अपने आप सुलझाने का प्रयास कर सकते हैं। आप यह भी सोच सकते हैं कि कलाकार ने यह चित्र ऐसा क्यों बनाया और उसका प्रयोजन क्या रहा होगा उस समय।

वीडियोग्राफी में दृश्य साक्षरता क्यो जरूरी है

कोई भी व्यक्ति जब किसी ऑब्जेक्ट की वीडियोग्राफी करता है पर उसे वीडियोग्राफी की सामान्य बातें नहीं पता तो उसका वीडियो बनाना व्यर्थ है। उदाहरण के लिए आप चाहते हैं कि आप लोगों के लिए एक डरावनी वीडियो बनाये। जिसके लिए आपको एक शांत जगह और रात का इन्तेजार करना होगा(घर मे भी यह व्यवस्था कर सकते हैं) पर आपको पता ही नही है कि उस फ़िल्म को कब, कैसे और किस रूप में शूट करें। जिसके चलते आपका सारा परिश्रम व्यर्थ हो जाएगा। जो कि आप किसी भी कीमत पर नहीं चाहेंगे।

आपको अगर शाम के व्यू का वीडियो शूट करना है तो आपको या तो आर्टिफीसियल सीन क्रिएट कर या नेचुरल जगह पर जाकर सीन शूट करना होगा जो आप अपने दर्शकों को दिखाना चाहते हैं।

वैसे भी आज के आधुनिक युग मे जब तकीनक का बोलबाला हो तो कोई भी काम मुश्किल नही है। अगर आप ज्यादा पैसा खर्च नही करना चाहते तो आप ग्राफिक्स से वही सिनेरियो क्रिएट कर सकते हैं जो आपके दिमाग मे है। फिलहाल वीडियोग्राफी की बेसिक समझ आपको पहले ही समझ लेना चाहिए ताकि आगे कोई दिक्कत न हो और अपना कार्य आसानी से पूर्ण कर सकें।

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By Admin

2 thought on “Videography और Visual literacy क्या है? विस्तार से बताइए..”

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