क्या उज्जैन था भारत का अपना ग्रीनविच?

ग्रीनविच: आज दुनिया की अंतरराष्ट्रीय शून्य देशांतर रेखा इंग्लैंड के ग्रीनविच से होकर गुज़रती है। मगर क्या आप जानते हैं कि इससे कई सदियों पहले, भारतीय खगोलशास्त्री अपनी गणनाओं के…

शिक्षा बदली है, पर किस तरफ़?

स्कूल की दीवार पर लिखा है, “नैतिक शिक्षा ज़रूरी है।”… और ठीक उसी दीवार के नीचे लगी है फ़ीस की लंबी लिस्ट।… ऐसे में सवाल उठना वाजिब है की…क्या पढ़ाई…

दिल्ली में महिला सुरक्षा: हादसे के बाद ही क्यों जागता है सिस्टम?

हर बड़ी वारदात के बाद जाँच के आदेश होते हैं, कमियाँ खोजी जाती हैं। और कुछ दिन बाद सब पुराने ढर्रे पर लौट आता है।… सवाल यह है कि सतर्कता…

दर्द या Content? क्या खो गई इंसानियत?

सड़क पर कोई हादसा हुआ है, कोई तड़प रहा है।… और भीड़ में कुछ लोग मदद करने के बजाय फ़ोन निकालकर video बनाने लगते हैं।…क्या हम किसी के आँसू देखने…

नौकरी के लिए सिर्फ़ किताबी ज्ञान काफ़ी नहीं

डिग्री हाथ में है, नंबर भी अच्छे हैं… फिर भी इंटरव्यू में सामने वाला पूछ लेता है, “काम करके देखा है कभी?”…और आप चुप हो जाते हैं।… ऐसा क्यों होता…

फूलो-झानो मुर्मू: संथाल हूल की वीरांगनाएँ

फूलो-झानो मुर्मू: एक रात। दो बहनें। हाथ में सिर्फ़ कुल्हाड़ी। और संथाल लोक-स्मृतियों और बाद के कुछ लेखों में कहा जाता है कि उस रात अंग्रेज़ी हुकूमत के इक्कीस सैनिक…

Patna: मिट्टी के नीचे छिपा 2500 साल का इतिहास

Patna: आप जिस Patna की सड़कों पर चलते हैं, उसके नीचे और आसपास ढाई हज़ार साल पुराने पाटलिपुत्र के अवशेष छिपे हैं। और इसी शहर की कहानी में एक ऐसा…

Indian Railways: गुलामी से एकता तक

Indian Railways: जिस रेल को अंग्रेज़ों ने अपने औपनिवेशिक फ़ायदे के लिए बिछाया, वही रेल एक दिन भारत की आज़ादी की लड़ाई का रास्ता बन गई।… आज पूरी कहानी सुनिए…आखिर…