Why should TB treatment not be stopped midway?: Tuberculosis (टीबी) एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। आज भी इसके मामले भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में सामने आते हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सही समय पर पहचान और पूरा इलाज लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
सरकार द्वारा मुफ्त दवा योजनाएं और आधुनिक इलाज उपलब्ध होने के बावजूद, कई मरीज इलाज बीच में ही छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी दोबारा बढ़ जाती है और गंभीर रूप ले सकती है।
क्या टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
डॉक्टरों के अनुसार, अगर कोई मरीज 6 से 9 महीने तक नियमित रूप से दवाएं लेता है, तो टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। कुछ मामलों में इलाज का समय इससे ज्यादा भी हो सकता है, लेकिन जरूरी बात यह है कि मरीज पूरे कोर्स को बिना छोड़े पूरा करे। टीबी का इलाज लंबा जरूर होता है, लेकिन सही तरीके से किया जाए तो यह बीमारी पूरी तरह नियंत्रित और खत्म की जा सकती है।
लोग इलाज बीच में क्यों छोड़ देते हैं?(Why should TB treatment not be stopped midway?)
अक्सर देखा जाता है कि मरीज इलाज शुरू करने के कुछ हफ्तों बाद ही बेहतर महसूस करने लगते हैं। इसके बाद:
- कमजोरी कम हो जाती है
- खांसी और बुखार घट जाते हैं
इससे मरीज को लगता है कि वह पूरी तरह ठीक हो गया है और दवाएं लेना बंद कर देता है। यही सबसे बड़ी गलती होती है।
टीबी का इलाज बीच में क्यों नहीं छोड़ना चाहिए?(Why should TB treatment not be stopped midway?)
टीबी का इलाज बीच में छोड़ना बहुत खतरनाक हो सकता है, क्योंकि:
- शरीर में मौजूद बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते
- बचा हुआ संक्रमण दोबारा सक्रिय हो जाता है
- बीमारी फिर से गंभीर रूप ले सकती है
- मरीज दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है
इतना ही नहीं, कई मामलों में दवा अधूरी छोड़ने से ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (दवाओं से न ठीक होने वाली टीबी) का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसका इलाज और भी मुश्किल और लंबा होता है।
किन लक्षणों में तुरंत सतर्क रहें?
अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच कराएं:
- 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी
- बलगम या खून आना
- लगातार बुखार और रात में पसीना
- तेजी से वजन घटना
ये सभी Tuberculosis के संकेत हो सकते हैं।
टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है- बशर्ते मरीज इलाज को बीच में न छोड़े। दवाओं का पूरा कोर्स लेना, सही डाइट और डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही बीमारी को दोबारा बढ़ा सकती है और दूसरों के लिए भी खतरा बन सकती है। इसलिए टीबी के इलाज में कभी भी जल्दबाजी या लापरवाही न करें-पूरा कोर्स ही पूरी सुरक्षा है।
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। प्रस्तुत जानकारी की सत्यता, प्रभाव या परिणामों की Apnaran कोई पुष्टि या जिम्मेदारी नहीं लेता।
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