Author: Sadhna tiwari

क्या है कार्ड टोकनाइजेशन? विस्तार से जानते हैं..

पिछले 6 वर्षों में जिस तरह से डिजटलाइजेशन हुआ है और जिस तरह से ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लोगों के बीच बड़ा है… उतने ही रफ्तार से डाटा के चोरी…

पसमांदा मुस्लिम ज़िक्र तो है लेकिन फिक्र किसे?

उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधान परिषद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दानिश आज़ाद अंसारी को प्रत्याशी बनाया है। यह नाम मार्च 2022 में पहली बार चर्चा…

चित्तौड़ की कहानी

जिस माटी पर चली पद्मिनी महारानी,हे चित्तौड़गढ़ चलो भ्रमण तुम्हारा करते है।नम नयनों से नमन तुम्हारा करते है,ये अश्रु अनुसरण तुम्हारा करते है।। हे भारत के दुर्गों के मुखिया,स्वर्ग सी…

भारत: आरबीआई ने फिर बढ़ाया रेपो रेट, महंगी होगी EMI

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एक बार फिर रेपो रेट बढ़ा दिया है। आरबीआई ने बुधवार को रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है। अब रेपो…

मरम्मत की भूख से चीखती दिल्ली की जामा मस्जिद

ये दिल्ली की ज़ामा मस्जिद है BY MD SHADAN AYAZ ग़ाज़ियाबाद से इंटरव्यू देकर लौटते हुए अचानक से मन हुआ कि जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर उतर कर, फिर से…

मनोरंजन स्वास्थ्य के लिए एक जरुरी तत्व

मनोरंजन एक ऐसी कला है जो रोते हुए को हँसा दे और हस्ते हुए को रुला दे। बहुत कम लोग होते है जिन्हें लोगों का मनोरंजन करने में महारत हासिल…

Tax Free: क्या है टैक्स फ्री फ़िल्म का मतलब, इससे किसको फायदा होता है?

फ़िल्म की शुरुआत चाहे लुमियर ब्रदर ने फोटोग्राफी कर के सनेमेटोग्राफी के रूप में सामने लाया हो, चाहे भारत की पहली फ़िल्म के रूप में दादा साहेब ने राजा हरिश्चंद्र…

पश्चिमीकरण का भारतीय संस्कृति पर प्रभाव

By Alok Kumar Mishra मनुष्य एक चेतनशील प्राणी है जो हमेशा अपनी स्थिति को सुधार करने में लगा रहता है और उसके इसी कार्य का लंबा विवरण जिसमें परिलक्षित होता…

आधुनिक होती दिल्ली में स्वच्छ पर्यावरण और पार्कों की दशा

मानव इतिहास में अभी तक जितने भी नवोन्मेष और सृजन हुए हैं  सभी का अंतिम उद्देश्य मानव जीवन को सरल बनाना रहा है। भौतिक उन्नति के साथ विकास और प्रगति…

प्रेमाग्रह

सुनो! नई दिल्ली की पुरानी मकान की तरह हो तुम आधुनिकता की लंपट चुने,प्लास्टर, रंगों से एकदम दूर औरों की तरह मुझे किराएदार नही बनना है तुम्हारा, ना ही मुझे…

कल भी सूरज निकलेगा कल भी पंछी गाएंगे

कल भी सूरज निकलेगाकल भी पंछी गाएंगेसब तुझको दिखाई देंगेपर हम न नज़र आएंगे। ………….. 1982 में आई फ़िल्म ‘प्रेमरोग’ का ये गीत जिसे संन्तोष आंनद जी ने लिखा था,…

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