RISHI SUNAK

RISHI SUNAK: The way He Incumbent 57th Prime Minister Of United Kingdom

भारतीय मूल के ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के 57वें और भारत मूल के पहले प्राइम मिनिस्टर बन गए हैं । वे वर्तमान में कंजरवेटिव पार्टी से ताल्लुख रखते हैं और लेस ट्रस के 45 दिन के कार्यकाल और इस्तीफे का बाद सुनक का रास्ता प्रधामंत्री के पद के लिए लगभग साफ हो गया। वहीं पेनी मोर्डंट का पीएम के रेस से नाम वापस लेने और कंजरवेटिव पार्टी से पेनी को 100 वोटों या कहें सांसदों से कम संख्या प्राप्त करने के चलते ऋषि का रास्ता साफ हो गया।

यहां एक बात स्पष्ट कर दें की, कंजरवेटिव पार्टी में आपको अगर पीएम पद का उम्मीदवार बनना है तो उससे पहले आपके समर्थन में 100 सांसदों का समर्थन होना बहुत आवश्यक है। सुनक को इसमें 180 से ज्यादा सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ वहीं पेनी 100 के आंकड़ों के पास भी नहीं पहुंची।

ऋषि सुनक(RISHI SUNAK) के प्रधामंत्री बनने पर क्यों हैं भारत के लोग खुश, क्या है भारत से कनेक्शन, क्या वह भारत से मित्रता पूर्ण रवैया रखेंगे, उनकी पत्नी कौन हैं उनके कितने बच्चे हैं, उनकी पत्नी के विवाद में आने का क्या कारण हैं, कैसा होगा FTA पर ऋषि का रवैया…… हम आगे इसे समझंगे…….

ऋषि सुनक के प्रधामंत्री बनने पर क्यों हैं भारत के लोग खुश, क्या है भारत से कनेक्शन

ऋषि सुनक के पूर्वज अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत से ताल्लुख रखते हैं। उनके दादा दादी ब्रिटिश के पंजाब प्रांत से थे, जबकि सुनक के पिता का जन्म केन्या और उनकी मां का जन्म तंजानिया में हुआ था। ऋषि के दादा दादी अफ्रीका में जाकर बसे पर ऋषि के माता पिता का विवाह ब्रिटेन में ही हुआ और वहीं शिफ्ट हो गए। ऋषि का जन्म इंग्लैंड में 12 मई 1980 में साउथैंपटन जनरल अस्पताल में हुआ।

सुनक के पिता डॉक्टर और मां एक दवाखाना चलाने का कार्य करती थी। सुनक 3 भाई बहनों में से सबसे बड़े हैं।

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ऋषि सुनक(RISHI SUNAK) कहां के….

20 अक्टूबर को जबसे लिज ट्रस ने यूनाइटेड किंगडम का पद छोड़ा तबसे लेकर यह मुद्दा लोगों में गरमा गया की आखिर ऋषि सुनक मूल रूप से कहा से हैं! तो इसका सीधा सा उत्तर है की ऋषि सुनक भारत से संबंधित हैं और पाकिस्तान या कहें अफ्रीका से नहीं…. इस बात को और स्पष्ट करने से पहले पाकिस्तान से क्यों नही है सुनक इस बात को साफ कर दें…. ऋषि सुनक के दादा जब भारत छोड़ कर अफ्रीका गए तो यह अविभाजित भारत था जहां पाकिस्तान का नाम कहीं भी नहीं था…..और दूसरा पाकिस्तान नहीं है क्योंकि, जब पाकिस्तान के लाहौर में शहीद भगत सिंह के नाम पर एक चौराहे का नाम रखने की बात सामने आई तो पाकिस्तान के ही राजनेताओं और सरगनाओं ने इसकी आलोचना की थी की ऐसा न किया जाए इसका परिणाम बुरा होगा। जिसके चलते उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था और बड़े मुश्किल और मशक्कत के बाद जगह का नाम रखा गया। वहीं आज अगर वहां की स्थिति देखें तो जहां पहले जेल थी उस स्थान पर अब रहने के लिए बना दिया गया है। कहने का तात्पर्य बस इतना है कि, “जो देश अपने इतिहास को नही बचा सकते वो फिर किसी और के अधिकार पर अपना अधिकार कैसे जमा सकते हैं।”

अब अफ्रीका की बात की जाए तो इसका बस इस बात से समझ लीजिए कि, आप अगर आम खरीद रहें हैं तो आप केवल ये देखते हैं कि वैरायटी क्या है जैसे आम चौसा है देसी है या लंगड़ा। आप कहीं भी वह बीज लगा दें(प्राकृतिक अनुकूल रहना जरूरी है) वह वही कहा जाएगा जो वह है हां, उसका स्थान उसे अलग तरह की पहचान दे सकता है…. पर नेटिव कहा का है यही जानने योग्य है।

ऋषि सुनक के युनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बनने की खुशी केवल आम लोगों को ही नही वरन भारत के नेताओं को भी है। परंतु, इन सब खुशियों को तभी सार्थक माना जा सकता है जब यूके और भारत के बीच मित्रता पूर्ण व्यवहार रहे। दोनों ही देश एक दूसरे के सहायक हों।। चूंकि, सुनक के चाल, ढाल,  उनके सांस्कृतिक क्रिया कलाप उनकी कोविड महामारी की वित्तीय नीति ने सबको चौकाया है। ऐसे में आगे इसका पॉजिटिव परिणाम दोनों देशों को मिल सकता है। सुनक ने यह अपने भाषण में कहा है कि वे काम से अपने को सामने रखेंगे न की बात से... जो की भविष्य में ही उजागर होगा कि वे ब्रिटेन के साथ अन्य देशों को कैसे खुश रखते हैं।। फिलहाल भारतीय मीडिया में तो इसे लेकर खुशी का माहौल है।। कितने दिन है यह सुनक के नीतियों से पता चलेगा

क्या सुनक भारत से मित्रता पूर्ण व्यवहार रखेंगे

यह कहना गलत नहीं है कि सुनक भारत से मित्रतापूर्ण व्यवहार रखना चाहेंगे। यह पूरे विश्व को वर्तमान में पता है कि भारत विश्व पटल पर सबसे बड़ा मार्केट हैं, इसकी वैश्विक पहुंच और शक्ति किसी से भी छुपी नहीं है। ऐसे में कोई भी देश शक्तिशाली होने के बावजूद भी ऐसे संभावनाओं को तो नष्ट नहीं करेगा जो उसे लाभ देने वाला हो। बात ऋषि की हो तो उनके पीएम बनने का रास्ता ही यही से ओपन हुआ कि वे कड़े नियम आसानी से लेने में सक्षम है। दूसरा जब वे बोरिस जॉनसन के कैबिनेट में वित्त मंत्री थे तभी उनके लिए गए निर्णयों के सभी सांसद कायल थे और उन्हें बोरिस के वारिस के रूप में मानते थे। बोरिस, पिछले साल भारत का जब दौरा किया था तब उन्होंने दोनो देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ऐसे में इसका ज्यादा अनुमान है कि सुनक(RISHI SUNAK) भी वही करेंगे।

सुनक(RISHI SUNAK) की पत्नी कौन हैं, भारत से उनका क्या संबंध है, उनकी शादी कहां हुई, कितने बच्चे हैं, आमदनी कितनी है, राजनीतिक सफर विशेष क्यों, ब्रिटेन में उनकी पत्नी को लेकर विवाद क्यों

  • अक्षता मूर्ति ऋषि सुनक की पत्नी हैं, अगर इनके भारत के संदर्भ में बात की जाए तो ये भारत के मशहूर उद्योगपति नारायण मूर्ति और समाजसेवी सुधा मूर्ति की बेटी हैं। नारायण मूर्ति इंफोसिस के को फाउंडर हैं। ऐसे में अक्षता कई बार विवादो में भी घिर चुकी हैं।
  • सुनक के अनुसार, वे कैलिफोर्निया में अक्षता से पहली बार मिले थे, जहां घर लौटने से पहले कई वर्ष एक साथ ही बिताए। सुनक की दो बेटियां हैं, कृष्णा और अनुष्का।
  • ऋषि सुनक ने अर्थशास्त्र, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी MBA, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। वहीं उन्हें इन्वेस्टमेंट फर्म एनालिस्ट, गोल्डमैन सैक्श का अनुभव है।
  • सन्डे टाइम्स ने इस वर्ष ऋषि सुनक को यूके के सबसे धनी लोगों की सूची में 250 लोगों की सूची में 222वें स्थान पर रखा है। वही सुनक को हाउस ऑफ कॉमन्स में सबसे अमीर व्यक्ति कहा जाता है। सुनक के पास 7300 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। जबकि रिपोर्ट का यह भी दावा है की उनकी पत्नी अक्षता ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भी अधिक धनवान हैं, जिनकी संपत्ति 💷 430 है।
  • ऋषि सुनक(RISHI SUNAK) के राजनीतिक सफर की बात करें तो 2015 में पहली बार सांसद बने, 2017 में दूसरी बार सांसद बने, 2018 में थेरसा सरकार में मंत्री बने, 2019 में तीसरी बार सांसद बने। 2019 में ही जॉनसन सरकार के अंतर्गत वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला। 25 अक्टूबर 2022 को युनाइटेड किंगडम के पीएम और 24 अक्टूबर 2022 को कंजरवेटिव पार्टी के पीएम पद के निर्विरोध प्रखर उम्मीदवार बने।
  • ब्रिटेन में भारतीयों का वर्चस्व देखें तो जनसंख्या में 35 लाख लगभग 5 प्रतिशत, GDP में 6 फीसद(रुपए में देखें तो 14 लाख करोड़ रुपए) . वही ब्रिटेन में जन्मे प्रवासी को देखें तो उसमें ज्यादातर भारतीय हैं।
  • ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति पर टैक्स चोरी का आरोप ब्रिटेन में लगाया गया। वह वर्ष 2020 का था जब सुनक बोरिस के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे और भावी पीएम के लिए एक भावी चेहरा भी थे। ब्रिटेन में रहने के बावजूद भी अक्षता ने भारतीय नागरिकता का त्याग नहीं किया। ऐसे में वह ब्रिटिश की नागरिक न होकर भारतीय नागरिक हैं। वहीं ब्रिटिश कानून के मुताबिक अक्षता को ब्रिटेन के बाहर से होने वाली कमाई पर कोई टैक्स शुल्क भी अदा नहीं करना पड़ता है। इसलिए वह ब्रिटिश नागरीको के और राजनेताओं के आंखों पर चढ़ गई। क्योंकि ब्रिटिश नागरिकों को यह टैक्स देना पड़ता है।

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