War Rages in West Asia… But Iran Ahead in the ‘Narrative War’?: पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से तनाव और संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। United States, Israel और Iran के बीच चल रही इस जंग में फिलहाल कोई स्पष्ट विजेता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, जमीनी और सैन्य मोर्चे के अलावा एक और लड़ाई तेज हो गई है, जिसे “नैरेटिव वॉर” कहा जा रहा है-और इसमें ईरान खुद को मजबूत स्थिति में दिखाने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल हथियारों की लड़ाई नहीं है, बल्कि जनमत, छवि और मनोवैज्ञानिक प्रभाव की भी जंग है।
अमेरिका को डिजिटल और सड़कों पर ट्रोल कर रहा ईरान(War Rages in West Asia… But Iran Ahead in the ‘Narrative War’?)
ईरान लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों के जरिए अमेरिका पर निशाना साध रहा है। खासतौर पर X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के जरिए Donald Trump और अमेरिकी नीतियों का मजाक उड़ाया जा रहा है।
अब यह डिजिटल अभियान सड़कों तक भी पहुंच गया है। राजधानी Tehran के मशहूर Enghelab Square पर एक बड़ा बिलबोर्ड लगाया गया है, जो इस नैरेटिव वॉर का नया उदाहरण बन गया है।
बिलबोर्ड में दिखाया गया ‘जाल’, जिसमें फंसे अमेरिकी जहाज(War Rages in West Asia… But Iran Ahead in the ‘Narrative War’?)
इस बिलबोर्ड में एक प्रतीकात्मक दृश्य दिखाया गया है, जिसमें Strait of Hormuz के पास ईरानी सैनिक मछली पकड़ने का जाल पकड़े हुए हैं। इस जाल में अमेरिकी लड़ाकू विमान और जहाज फंसे हुए दिखाई देते हैं।
बिलबोर्ड पर फारसी भाषा में लिखा है कि “पूरा फारस की खाड़ी क्षेत्र हमारा हंटिंग ग्राउंड है।” यह संदेश सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगियों को चुनौती देने जैसा माना जा रहा है।
अमेरिकी फाइटर जेट्स का उड़ाया मजाक(War Rages in West Asia… But Iran Ahead in the ‘Narrative War’?)
ईरान इससे पहले भी इंटरनेट पर अमेरिकी सेना और उसके फाइटर जेट्स का मजाक उड़ाता रहा है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और मीम्स के जरिए अमेरिकी ताकत को चुनौती देने की कोशिश की गई है।
यह सब उस समय हो रहा है जब ईरान की ओर से अमेरिकी और इजरायली सैन्य संसाधनों को इंटरसेप्ट और नष्ट करने के दावे भी किए जा रहे हैं।
क्या है ‘नैरेटिव वॉर’ और क्यों है अहम?
नैरेटिव वॉर का मतलब है-जानकारी, प्रचार और संदेशों के जरिए लोगों की सोच और धारणा को प्रभावित करना। इसमें सोशल मीडिया, पोस्टर, भाषण और मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है।
इस तरह की रणनीति का उद्देश्य होता है:
- अपने पक्ष को मजबूत दिखाना
- दुश्मन की छवि कमजोर करना
- जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रभावित करना
ईरान इस रणनीति का आक्रामक रूप से इस्तेमाल कर रहा है, जिससे वह बिना सीधे सैन्य टकराव के भी दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष में जहां सैन्य मोर्चे पर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, वहीं नैरेटिव वॉर तेजी से अहम होता जा रहा है। ईरान सोशल मीडिया और प्रतीकात्मक प्रचार के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नैरेटिव वॉर जमीनी हालात को कितना प्रभावित करता है और किस पक्ष को रणनीतिक बढ़त मिलती है।
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