Category: HJMC

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विज्ञापन ने समाज व संस्कृत को किस तरह प्रभावित किया?

विज्ञापन ने समाज व संस्कृत को किस तरह प्रभावित किया वर्तमान समय में विज्ञापन(विज्ञापन ने समाज व संस्कृत को किस तरह प्रभावित किया) बाजार की दुनिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा…

विज्ञापन अभियान के बारे में बताते हुए विज्ञापन की आचार सहिंता का उल्लेख कीजिए

विज्ञापन अभियान आज के समय में अतिरंजित यथार्थ के अलावा कुछ भी नहीं है। यह लोगों को उकसा कर किसी उत्पाद को खरीदने के लिए प्रेरित करने के तत्पर होता…

माध्यमगत विज्ञापन की विशेषता व अंतर को बताइए?

माध्यमगत विज्ञापन….माध्यम के आधार पर विज्ञापनों को चार भागों में बांटा गया है। मुद्रित विज्ञापन, इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन, इंटरनेट विज्ञापन, अन्य माध्यम विज्ञापन। अलग-अलग माध्यमों पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों की…

विज्ञापन के अर्थ को बताते हुए इसके विभिन्न प्रकारों का उल्लेख कीजिए?

विज्ञापन के अर्थ….विज्ञापन को अंग्रेज़ी में “Advertisement” कहते हैं जिसका सीधा सा अर्थ है अपने उत्पाद के बिक्री के लिए किसी संस्था को , पैसे देकर अपने सामान का प्रचार…

इवेंट आधारित मीडिया सामग्री और उसके विविध रूप

इवेंट आधारित मीडिया सामग्री…. इवेंट को हिंदी में आयोजन कहते हैं ,यह आयोजन छोटा-से-छोटा व बड़ा-से-बड़ा हो सकता है। इसके अंतर्गत बर्थडे पार्टी , एनुअल सेलिब्रेशन, फैशन समारोह, शिक्षा समारोह,…

Prayojit karykram ki prakriti aur media coverage par lekh

Prayojit karykram ki prakriti… प्रायोजित कार्यक्रम के तहत अक्सर बस कमर्शियल, विज्ञापन, ऐड या ऐड फ़िल्म के रूप में जाना जाता है, संदेश पहुँचाने वाले किसी संगठन द्वारा किये गए…

समाचार के स्त्रोत

समाचार के स्त्रोत:-समाचार के मुख्यतः दो तरह के स्त्रोत होते हैं, पहला प्रत्यक्ष और दूसरा अप्रत्क्षय। प्रत्यक्ष स्त्रोत वे स्त्रोत हैं, जिसमें मीडिया के कर्मचारियों को सूचना सीधे प्राप्त हो…

ग्लोबल मीडिया के अंतर्गत वैश्विक सूचना प्रवाह का स्वरूप

वैश्विक स्तर पर मौजूद सूचना तंत्र ग्लोबल मीडिया कहलाता है। ज्यादातर लोगों को इन मुद्दों के बारे में अखबारों, पत्रिकाओं, रेडियो, टेलीविजन, और वर्ल्ड वाइड वेब की रोजमर्रा के समझ…

नियामक सिद्धान्त क्या है? इसके विभिन्न सिद्धान्तों का वर्णन

(नियामक सिद्धान्त)किसी देश व समाज के संचार माध्यमों को समझने के लिए उस देश व समाज की आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था, भौगोलिक परिस्थिति तथा जनसंख्या को जानना महत्वपूर्ण है क्योंकि…

Jansanchar madhyamo ki janmat nirman me bhoomika

प्रत्येक समाज के सामाजिक जीवन में जनमत अर्थात जनता के मत(Jansanchar madhyam AUR janmat nirman) का महत्वपूर्ण स्थान होता है। जब भी लोगों के ‘आचार’, ‘व्यवहार’, और रवैये में परिवर्तन…