बिहार की बहुप्रतीक्षित कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना को आखिरकार केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना न सिर्फ उत्तर बिहार के किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (PMKSY-AIBP) के तहत इस परियोजना को स्वीकृति मिली है।
अनुमानित लागत और सहायता
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 6,282.32 करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्र सरकार द्वारा 3,652.56 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसका लक्ष्य वर्ष 2029 तक परियोजना को पूरा करना है।
परियोजना का उद्देश्य और लाभ
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है कोसी नदी के अधिशेष जल को नियंत्रित ढंग से मेची नदी की ओर मोड़ना।
पूर्वी कोसी मुख्य नहर (EKMC) का 41.30 किलोमीटर तक पुनर्निर्माण किया जाएगा और इसे 117.50 किलोमीटर तक मेची नदी से जोड़ा जाएगा।
इससे अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मधेपुरा जिलों के 2.10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सालभर सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी।
बाढ़ नियंत्रण में मददगार
कोसी नदी को बिहार में अक्सर “बाढ़ का अभिशाप” कहा जाता है, लेकिन इस परियोजना से इसका अधिशेष जल मानसून के दौरान मेची नदी में डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और फसलों का नुकसान भी कम होगा।
जल प्रबंधन की रणनीति
परियोजना के अंतर्गत महानंदा बेसिन में स्थित सिंचाई नेटवर्क को कोसी के अतिरिक्त जल से जोड़ा जाएगा। मानसून के दौरान अनुमानित 2,050 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी को डायवर्ट करने की योजना है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मिली स्वीकृति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने इस परियोजना को मंजूरी दी है। यह योजना वर्ष 2015-16 में शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका मकसद है:
खेतों तक पानी पहुंचाना
सिंचाई योग्य क्षेत्र का विस्तार
जल उपयोग दक्षता में सुधार
सतत जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देना
निष्कर्ष
कोसी-मेची लिंक परियोजना बिहार के सीमांचल क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक सौगात साबित हो सकती है। इससे न केवल सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि बाढ़ नियंत्रण, कृषि उत्पादन में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी। यह परियोजना बिहार की जल संसाधन संरचना में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
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