करेला स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है और इसे घर में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसे जमीन, गमले या ग्रो बैग में लगाया जा सकता है। फरवरी से मार्च और मई से जून के बीच इसका सही मौसम होता है, लेकिन अगर आपने पहले ही करेले का पौधा लगा लिया है और उसका विकास रुक गया है, फूल नहीं आ रहे हैं या फल बनने के बावजूद आकार नहीं बढ़ रहा, तो चिंता की कोई बात नहीं। कुछ आसान और सस्ती जैविक खाद की मदद से आप अपनी करेले की बेल को तेजी से विकसित कर सकते हैं और अधिक फल प्राप्त कर सकते हैं।
पौधे के विकास के लिए जरूरी जैविक खाद
अगर करेले का पौधा धीमे बढ़ रहा है और फूल नहीं आ रहे हैं, तो सबसे पहले 1-2 दिन तक पानी देना बंद करें। इसके बाद, मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें और कुछ घंटे के लिए मिट्टी को धूप लगने दें। फिर गोबर की पुरानी खाद डालें, यह सबसे बेहतरीन और प्राकृतिक उर्वरक है।
अगर गोबर की खाद उपलब्ध नहीं है, तो आप लीफ कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रहे कि कोई भी खाद पुरानी होनी चाहिए, ताकि पौधे को जल्दी से पोषक तत्व मिल सकें। खाद डालने के बाद, मिट्टी को हल्का सा ढक दें और नियमित रूप से नमी बनाए रखें। केवल 10 दिनों के अंदर आपको असर दिखने लगेगा – पौधे में नई शाखाएं और फूल आने लगेंगे।
फलों का आकार बढ़ाने के लिए कारगर खाद
अगर करेले की बेल में फूल और छोटे-छोटे फल आ रहे हैं, लेकिन उनका आकार नहीं बढ़ रहा है, तो सरसों की खली का उपयोग करें। इसके लिए एक चम्मच सरसों की खली को एक गिलास पानी में 7-8 घंटे भिगोकर रखें। फिर इसमें थोड़ा साफ पानी मिलाएं और इसे अच्छी तरह से घोलें। इस मिश्रण को मिट्टी में डालें, लेकिन ध्यान दें कि तने से 2-3 इंच दूर ही डालें।
सरसों की खली में फॉस्फोरस, कैल्शियम और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधे की जड़ों को मजबूत करने और फलों का आकार बढ़ाने में मदद करते हैं। इस विधि से फल जल्दी बड़े और स्वस्थ होंगे।
परागण में मदद के लिए गेंदे के फूल लगाएं
फलों की अच्छी पैदावार के लिए परागण (Pollination) बहुत जरूरी होता है। करेले की बेल में परागण कराने वाले कीटों को आकर्षित करने के लिए, बगीचे में एक-दो गेंदे के पौधे भी लगाएं। इसके पीले फूल मधुमक्खियों और अन्य कीटों को आकर्षित करेंगे, जिससे परागण प्रक्रिया तेज होगी और फसल ज्यादा मिलेगी।
अगर करेले की बेल सही ढंग से नहीं बढ़ रही है या फल छोटे रह जाते हैं, तो इन जैविक खादों का उपयोग करें। गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट और सरसों की खली जैसी सस्ती और असरदार खाद से सिर्फ 10 दिनों में बेल हरी-भरी हो जाएगी और फल ज्यादा और बड़े होंगे। इसके साथ ही परागण को बढ़ावा देने के लिए गेंदे के फूल लगाना भी फायदेमंद साबित होगा। इन प्राकृतिक तरीकों से आप बिना किसी रसायन के, जैविक और सेहतमंद करेले की अच्छी फसल प्राप्त कर सकते हैं।
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