अक्सर किसान गेहूं और सरसों की कटाई के बाद खेत खाली छोड़ देते हैं, जिससे उनकी जमीन बिना किसी उपयोग के पड़ी रहती है। लेकिन यदि किसान कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल की खेती करें, तो वे गर्मी में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। गर्मी के मौसम में कई फसलें मौसम की मार सहन नहीं कर पातीं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में काचरी की खेती एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है, जो गर्मी में भी अच्छा उत्पादन देती है और कम लागत में अधिक मुनाफा दिलाती है।
कम लागत और ज्यादा मुनाफा
अगर किसान मार्च के अंतिम सप्ताह तक काचरी की खेती शुरू कर देते हैं, तो उन्हें बहुत अच्छा लाभ मिल सकता है। इस फसल की लागत मात्र 10,000 से 15,000 रुपये तक आती है, जबकि एक एकड़ में 70 से 80 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यदि मंडी में इसकी कीमत 10 से 15 रुपये प्रति किलो भी मिलती है, तो एक एकड़ से लाखों रुपये तक की कमाई संभव है।
काचरी की खेती क्यों है फायदेमंद?
🔹गर्मी में भी अच्छा उत्पादन देती है।
🔹कम लागत और कम रखरखाव वाली फसल है।
🔹रोग और बीमारियों का असर बहुत कम होता है।
🔹जल निकासी वाली दोमट मिट्टी में यह बेहतरीन तरीके से उगती है।
🔹हल्की जुताई से भी फसल उगाई जा सकती है।
खेती का सही तरीका
काचरी की खेती करने के लिए किसानों को ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती। बीजों की बुवाई 5 फीट की दूरी पर लाइन में और 1 फीट की दूरी पर करनी चाहिए। फसल की अच्छी बढ़त और उत्पादन के लिए बुवाई से पहले दो ट्रॉली गोबर की पुरानी खाद डालना फायदेमंद होता है।
रासायनिक खाद का उपयोग
अगर किसान रासायनिक खाद का उपयोग करना चाहते हैं, तो उन्हें यह ध्यान देना चाहिए कि खेत में कौन से पोषक तत्वों की कमी है। आमतौर पर निम्नलिखित खादें फसल की उपज को बेहतर बनाती हैं:
🔹30-40 किलो डीएपी (DAP)
🔹10-15 किलो यूरिया (Urea)
🔹20 किलो एमओपी (MOP)
उन्नत बीजों का करें चयन
किसान यदि अच्छा उत्पादन और ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, तो उन्हें छोटे आकार के बीजों की वैरायटी का चयन करना चाहिए। इसके लिए कृषि बीज भंडार से काचरी के उन्नत बीज खरीदे जा सकते हैं। सही बीज और सही तकनीक से खेती करने पर गर्मी के मौसम में भी किसान शानदार उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
काचरी की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे वे गेहूं और सरसों की कटाई के बाद खेत को खाली छोड़ने की बजाय कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। यह फसल गर्मी में भी बेहतर उत्पादन देती है, रखरखाव कम लगता है और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है। सही समय पर बुवाई, उन्नत बीज और उचित खाद प्रबंधन से किसान एक एकड़ में लाखों की कमाई कर सकते हैं।
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