CALM

Mind Calm: यदि आप चाहते हैं कि आपको मन शांत रहे आप किसी विकट परिस्थिति से निकलने में कामयाब हो सकें तो ऐसे में आपको क्रोध और लालच से बच कर रहना होगा। नहीं तो आपको कभी भी शांति नहीं मिल पाएगी। आइए इसे पोस्ट के माध्यम से समझते हैं।

Mind Calm तो सब आसान

एक प्रचलित लोक कथा के अनुसार पुराने समय एक धनवान सेठ हुआ करता था। उसके पास सुख-सुविधा की सभी चीजें थीं, घर-परिवार में भी कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन वह हमेशा अशांत रहता था। एक दिन वह अपने नगर में प्रसिद्ध संत के पास गया। सेठ ने संत को अपनी समस्या बताई और कहा कि महाराज मुझे कोई ऐसा उपाय बताइए, जिससे मेरे मन को शांति मिले।

सेठ की बात सुनते ही साधु वहां से उठे और आश्रम के बाहर के आ गए। सेठ भी संत के पीछे-पीछे चल दिया। बाहर आकर साधु ने कुछ लकड़ियां उठाई और एक जगह पर उन लकड़ियों को जला दिया।

संत थोड़ी-थोड़ी देर में आग में एक-एक लकड़ी डाल रहे थे। सेठ ये सब देख रहा था। कुछ ही देर में आग बहुत तेज हो गई, इसके बाद संत वहां से उठे और आश्रम में अपनी जगह पर आकर बैठ गए, पीछे-पीछे सेठ भी आ गया।

सेठ ने संत से फिर कहा कि महाराज मेरी समस्या का कोई हल बताएं। संत ने कहा कि सेठजी मैंने अभी आपकी ही समस्या का हल बताया है, लेकिन आप समझ नहीं पाए। सेठ को संत की यह बात सुनकर बड़ा आश्चर्य हुआ, उसने कहा कि मैं कुछ समझा नहीं।

संत ने कहा कि सेठजी हर व्यक्ति के अंदर एक आग होती है। अगर हम इस आग में प्रेम की आहूति डालेंगे तो हमारे मन को शांति मिलेगी, मन प्रसन्न रहेगा। जो लोग इस आग में क्रोध, लालच, मोह की लकड़ियां डालते हैं, वे हमेशा अशांत ही रहते हैं। इन बुरी आदतों की लकड़ियों से मन की अशांति बढ़ती जाती है।

अगर तुम शांति चाहते हो तो तुम्हें बुरी आदतों को छोड़ना पड़ेगा और सभी से निस्वार्थ प्रेम करना होगा। तभी तुम्हारे मन को शांति मिलेगी।

इस कथा की सीख क्या है

इस कथा की सीख यही है कि जब हम अपनी बुराइयों का त्याग नहीं करेंगे, तब तक मन शांत नहीं होगा। क्रोध और लालच की वजह से मन में इधर-उधर के व्यर्थ विचार चलते रहते हैं। इनसे बचना चाहिए, तभी अशांति दूर हो सकती है।

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By Admin

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