Ganesh Chaturthi 2024: गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान श्रीगणेश के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गणपति बप्पा के मंदिरों को भव्य रूप में सजाया जाता है और गणेश उत्सव की शुरुआत होती है।
दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ होता है। आइए आज इस पोस्ट के माध्यम से जानते हैं कि गणेश चतुर्थी पर क्या करें और क्या ना करें, साथ ही बप्पा की पूजा के सही नियम क्या हैं…
माता पार्वती ने भी पहली बार बनाए थे मिट्टी के गणेश
शास्त्रों के मुताबिक माता पार्वती ने गणेश जी की मूर्ति मिट्टी की ही बनाई थी जिसमें शिव जी ने बाद में प्राण डाला था। वहीं दूसरा कारण गणेश जी की मूर्ति को मिट्टी से बनाने का यह है कि मिट्टी से बनी प्रतिमा में जीवन के लिए जरूरी सभी पांच तत्व भूमि, जल, वायु, अग्नि और आकाश शामिल होते हैं। इस तरह से बप्पा का जन्म हुआ।
गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 7 सितंबर सुबह 11 बजकर 3 मिनट से लेकर दोपहर के 1 बजकर 34 मिनट तक यानी करीब 2 घंटे का समय शुभ मुहूर्त का समय होगा। इस दौरान आप गणपति बप्पा की पूजा अर्चना कर सकते हैं और अपने स्वास्थ्य के लिए वर मांग सकते हैं।
किस तरह की मूर्ति आपको अपने घर में लेकर आना चाहिए
- गणेश चतुर्थी के मौके पर घर में गणेश जी की चांदी की मूर्ति लाएं तो वह अपको यश प्रदान करेगी।
- आम, पीपल और नीम की लकड़ी से बनी मूर्ति लाने से एनर्जी और गुडलक आता है।
- पीतल की मूर्ति घर लाने से जीवन में सुख-समृद्धि और आनंद बना रहता है।
- लकड़ी की मूर्ति घर लाने से अच्छी सेहत के साथ लंबी उम्र होती है।
गणेश चतुर्थी पर ये काम करने से मिलेगा आपको लाभ
- गणपति की पूजा में दस दिनों तक भगवान गणेश के मंत्र जैसे “ॐ गण गणपतये नमः” का जाप जरूर करें।
- गणेश चतुर्थी के दिन गणपति जी को अपने घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में बिठाएं, इस दिशा में उनकी पूजा करने से आपको लाभ की प्राप्ति होगी ।
- गणेश भगवान जी को लाल रंग बहुत ज्यादा पसन्द है, इसलिए उनकी पूजा में लाल रंग के वस्त्रों का इस्तेमाल अवश्य करें, गणपति जी की पूजा में लाल रंग के फूल फल, और लाल चंदन का इस्तेमाल जरूर करें।
गणेश चतुर्थी के दौरान गलती से भी न करें ये काम
गणेश चतुर्थी पर अपने घर में भूलकर भी गणपति जी की आधी-अधूरी बनी या फिर खंडित मूर्ति की स्थापना या पूजा न करें। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। आपके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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