person on truck s roof

लौ

एक खाली गोद ,और एक सामाजिक  धब्बा,क्यों बनती हैं वो अकेली इसदुर्भाग्य का हिस्सा?? कुछ मिचलन और उबकाई ,मानो कुछ आशाएं दे जाती हैं। फिर तेज धडकने,उम्मीदों से चमकती आंखें,भीगी पलकें, लाखों सवाल औरहजारों ख्याल , मन ही मन उसे झंझोरता हर विचार। कुल की इज्ज़त, घर का चिराग,कौन संभालेगा हमारे विचारों का सैलाब,और न …

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