Palmer Mango: खासियत, आकार और रंग एक विदेशी किस्म का आम है, जिसकी शुरुआत अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य से हुई थी। यह आम अब भारत समेत कई देशों में उगाया जाता है। इसका आकार बड़ा होता है, रंग आकर्षक और स्वाद बहुत ही मीठा होता है। यह आम देर से पकने वाली किस्मों में गिना जाता है और इसका बाजार मूल्य भी अच्छा मिलता है।
Palmer Mango: खासियत, आकार और रंग की खासियतें
🔹 आकार और रंग
Palmer Mango आकार में काफी बड़ा होता है। एक फल का वजन लगभग 400 ग्राम से 1 किलो तक हो सकता है। पकने के बाद इसका रंग बैंगनी और लाल रंग की झलक लिए होता है, जो इसे और आकर्षक बनाता है।
🔹 स्वाद और गूदा
इस आम का स्वाद बहुत ही मीठा और थोड़ा सा खट्टा होता है। इसमें रेशे नहीं होते, यानी यह एकदम चिकना (smooth) आम होता है। इसका गूदा गाढ़ा और रसदार होता है।
🔹 बीज
Palmer आम में पतला और छोटा बीज होता है, जिससे गूदे का इस्तेमाल अधिक किया जा सकता है।
Palmer Mango: खासियत, आकार और रंग के लिए उपयुक्त जलवायु
Palmer आम को उगाने के लिए गर्म और नम वातावरण की जरूरत होती है। यह किस्म तेज़ धूप में भी अच्छी उपज देती है। दक्षिण भारत की जलवायु इसके लिए बहुत अनुकूल मानी जाती है।
Palmer Mango: खासियत, आकार और रंगकौन सी मिट्टी बेहतर है?
Palmer आम के लिए सबसे उपयुक्त बलुई दोमट मिट्टी (loamy soil) मानी जाती है। मिट्टी का pH 6.0 से 7.5 के बीच होना चाहिए ताकि पौधे को सभी पोषक तत्व अच्छे से मिल सकें।
Palmer Mango: सिंचाई और देखभाल
- आम के पौधों को गर्मी के समय हर 10 से 15 दिन में पानी देना चाहिए।
- फलों के बनने के समय विशेष ध्यान देना जरूरी होता है ताकि फल स्वस्थ और मीठे बनें।
- मल्चिंग करने से नमी बनी रहती है और जड़ों को ठंडक मिलती है।
Palmer Mango: बीमारियों से बचाव
Palmer आम में आमतौर पर एन्थ्रेक्नोज़ (Anthracnose) और पाउडरी मिल्ड्यू जैसी बीमारियों का असर बहुत कम होता है। फिर भी, यदि समय-समय पर जैविक या संतुलित दवा का छिड़काव किया जाए तो फसल पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
Palmer Mango: उत्पादन क्षमता
- एक परिपक्व पेड़ से सालाना लगभग 100 से 200 आम प्राप्त हो सकते हैं।
- यदि एक एकड़ में 80 से 100 पेड़ लगाए जाएं तो अच्छी कमाई की जा सकती है।
Palmer Mango: बाजार में मांग और बिक्री
Palmer आम देर से पकता है यानी जब बाकी किस्मों का सीजन खत्म हो जाता है, तब यह बाजार में आता है। इसी कारण इसकी मांग अधिक और बाजार मूल्य भी ज्यादा होता है। यह आम निर्यात (export) के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।
Palmer Mango का उपयोग
- फ्रेश फल के रूप में खाने के लिए
- जूस, आइसक्रीम और फ्रूट स्लाइस बनाने में
- मिठाई और डेज़र्ट्स में उपयोग
- पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में इस्तेमाल
अन्य किस्मों से तुलना
| किस्म का नाम | पकने का समय | स्वाद | रेशे | रंग |
|---|---|---|---|---|
| हापुस (Alphonso) | मई-जून | गाढ़ा मीठा | नहीं | पीला |
| दशहरी | जून-जुलाई | मीठा | थोड़ा | हरा-पीला |
| Palmer | अगस्त-सितंबर | मीठा और हल्का खट्टा | नहीं | बैंगनी-लाल |
फायदे (Benefits)
- कम रेशेदार, यानी ज्यूस या स्लाइस के लिए बेस्ट
- आकार बड़ा, जिससे एक आम से ज्यादा गूदा मिलता है
- स्वाद बढ़िया और दिखने में सुंदर
- लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है (Good shelf life)
- एक्सपोर्ट के लिए लाभकारी
भारत में Palmer आम की खेती
Palmer आम अब भारत में भी उगाया जा रहा है। खासकर आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के किसान इसे व्यावसायिक रूप से उगा रहे हैं। यह किस्म उत्तर भारत के गर्म इलाकों में भी सफल हो रही है।
निष्कर्ष
Palmer आम एक ऐसी किस्म है, जो स्वाद, रंग और कमाई – तीनों मामलों में फायदेमंद है। इसकी खेती करना आज के समय में एक लाभकारी व्यवसाय बन सकता है। यदि आप आम की नई किस्मों की तलाश में हैं, तो Palmer एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
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