images2813291813043224207774139.
Daman and Diu

कम भीड़ भाड़ वाले खाली रास्ते, चारों तरफ हरियाली, खूबसूरत समुद्र के किनारे जो अपने में 400 साल पुराने ऐतिहासिक धरोहरों को समेटे हुए हैं, एक उत्साहित यात्री के लिए सबसे अच्छी जगह होगी! आपको नहीं लगता? पुर्तगालियों की भाषा में Damão के नाम से जाना जाने वाला भारत का केंद्र शासित प्रदेश दमन ऐसी ही जगह है।

  1. दमन और दीव की स्थापना 30 मई 1987 को हुई।
  2. दमन और दीव पूर्व में गुजरात, पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में कोलक नदी तथा दक्षिण में कलाई नदी से घिरा हुआ है।
  3. दमन की जलवायु हल्की और नाम है जबकि देव का मौसम उमस भरा है।
  4. यहां की प्रमुख फसल चावल, दाल, गेहूं, नारियल है।
  5. 2011 की जनगणना के अनुसार दमन और दीव की साक्षरता दर 87.07% है।
  6. दमन और दीव की संस्कृति गुज़राती और महाराष्ट्रीयन संस्कृति का मिश्रण है, जिसमें कुछ रीति-रिवाजों के साथ पुर्तगाली संस्कृति भी है।
  7. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दमन और दीव का लिंग अनुपात सबसे खराब है, जो कि 618 है।
  8. मुख्य बोले जाने वाली भाषाएँ है: गुजराती , कोंकणी , मराठी तथा पुर्तगाली है।
  9. दमन और दीव में सभी धर्मों के लोग अपने-2 त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। यहाँ पर मुख्य रूप से होली, दीपावली, दशहरा, रक्षाबंधन, क्रिसमिस, ईद आदि त्यौहार मनाये जाते है।
  10. यहाँ के प्रमुख उद्योगों में चमड़े की चप्पल, बांस की टोकरियों और मैट, शंख आइटम, मोती, तिनके से बने हस्तशिल्प आदि कार्य शामिल है।
  11. दमन गंगा नदी क्षेत्र को दो भागों में बाटती है, मोटी दमन और नैनी दमन । आपको अगले क्षेत्र में पहुँचने के लिए इस नदी को पार करना ही होगा।
  12. दमन पुर्तगालियों की कैद से आज़ाद हो सन् 1961 में भारत गणराज्य में शामिल हो गया। यहाँ पर पुर्तगालियों का लंबा राज होने की वजह से यहाँ आज भी यूरोपियन संस्कृति की थोड़ी झलक मौजूद है।
  13. जो भी गुजरात के लोग शराब पीने के शौक़ीन हैं उनके लिए दमन सबसे नज़दीकी जगह है। यहाँ की पुर्तगाली संस्कृति थोड़ी आज़ाद ख्यालातों वाली है और शराब यहाँ काफ़ी सस्ते दरों पर उपलब्ध है।
  14. देवका बीच, मोटी दमन फोर्ट, चर्च ऑफ़ बोम जीसस और डोमिनिकन मठ यहाँ घूमने लायक जगह है।

Discover more from अपना रण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By Admin

Discover more from अपना रण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading