MAHILA YOJANA

राष्ट्रीय आजीविका मिशन (NRLM), जिसे अब “DAY-NRLM” (Deendayal Antyodaya Yojana – NRLM) कहा जाता है, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब ग्रामीण परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है। यह मिशन गरीबी उन्मूलन, वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ग्रामीण विकास को गति देता है।

लक्ष्य और उद्देश्य

राष्ट्रीय आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को स्व-सहायता समूह (SHGs) में संगठित कर उन्हें आजीविका के बेहतर अवसरों से जोड़ना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण गरीब परिवार आत्मनिर्भर और टिकाऊ आजीविका अपनाकर अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधार सकें।

प्रमुख विशेषताएं

  • स्व-सहायता समूहों का गठन: महिला आधारित SHG का निर्माण और उन्हें वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण देना।
  • वित्तीय समावेशन: SHG के माध्यम से बैंक लिंकेज और आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराना।
  • कौशल विकास एवं प्रशिक्षण: सदस्य महिलाओं को विभिन्न आजीविका संबंधित कार्यों में कौशल प्रदान करना।
  • समुदाय आधारित संस्थाएं: ग्राम संगठन (VO) और संकुल स्तरीय संघ (CLF) का निर्माण।
  • इलेक्ट्रॉनिक लिंकेज: डिजिटलीकरण के माध्यम से पारदर्शिता और पहुंच में सुधार।

DAY-NRLM की सफलता की कहानियाँ

आज NRLM की वजह से लाखों ग्रामीण महिलाएं मुर्गी पालन, बकरी पालन, बुनाई, कृषि आधारित स्टार्टअप, और छोटे व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं। कई महिलाएं अपने परिवार की मुख्य कमाने वाली बन चुकी हैं, जिससे उनका सामाजिक दर्जा भी बढ़ा है।

राज्यों में NRLM का क्रियान्वयन

भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में NRLM को चरणबद्ध रूप से लागू किया गया है। इसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य अग्रणी हैं, जहाँ SHG मॉडल अत्यंत सफल हुआ है।

भविष्य की योजना और विस्तार

NRLM अब डिजिटलीकरण, ई-कॉमर्स, और बाजार लिंकेज जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है, जिससे ग्रामीण उत्पादों को देशभर में पहचान और बाजार मिल सके। मिशन का लक्ष्य है कि 2047 तक हर गरीब परिवार आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सके।

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