केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और ICAR संस्थानों के निदेशकों के वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार किसी भी राष्ट्र के कृषि विकास के तीन मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने में अनुसंधान की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
5% कृषि वृद्धि दर बनाए रखने का लक्ष्य
श्री चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 5% की कृषि विकास दर को स्थायी रूप से बनाए रखा जाए। इसके लिए सभी कृषि संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य विभागों और 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) को एक ही दिशा में काम करना होगा — “एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम” की भावना से।
“विकसित भारत” का आधार: विकसित कृषि और समृद्ध किसान
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है “विकसित भारत“, जिसका आधार है “विकसित कृषि और समृद्ध किसान“। आज भी भारत की लगभग 50% जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है और यह 18% जीडीपी में योगदान करती है।
दालों और तिलहन के उत्पादन में वृद्धि के लिए जीनोम संपादन
श्री चौहान ने कहा कि भारत में दालों और तिलहनों की वृद्धि दर केवल 1.5% के आसपास है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जीनोम एडिटिंग तकनीक से दो नई धान की किस्में विकसित की गई हैं और सोयाबीन, चना, अरहर, उड़द जैसी फसलों पर भी काम जारी है। इसका उद्देश्य उत्पादन को बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार लाना है।
खेती में आधुनिक तकनीकों का समावेश अनिवार्य
उन्होंने कहा कि अगर भारत को $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना है, तो $1 ट्रिलियन का योगदान केवल कृषि क्षेत्र से आना चाहिए। इसके लिए कृषि निर्यात को वर्तमान 6% से बढ़ाकर 20% तक ले जाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के सहारे ही यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कम पानी में अधिक उपज: नई रणनीति की आवश्यकता
भूमि होल्डिंग भारत में लगातार घट रही है और 2047 तक यह 0.6 हेक्टेयर रह सकती है। ऐसे में केवल खाद्यान्न उत्पादन से काम नहीं चलेगा। इसलिए मधुमक्खी पालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी जैसे विविधिकरण की जरूरत है। इसके अलावा कम पानी में अधिक उपज देने वाली तकनीकों पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
नवीन जीन बैंक और जलवायु अनुकूल फसल विकास पर ज़ोर
उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया कि इस वर्ष के बजट में नए जीन बैंक की स्थापना के लिए धन आवंटित किया गया है। इससे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।
लघु और दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए समयबद्ध कार्य
श्री चौहान ने बताया कि सरकार ने लघु (1 वर्ष के भीतर) और दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए स्पष्ट कार्य योजना तैयार की है और सभी संस्थान उसी दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं।
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