भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा 20 मई 2025 को भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा कैंपस, नई दिल्ली में कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और ICAR संस्थानों के निदेशकों का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन का थीम: समन्वय से क्रियान्वयन की ओर
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय है –
“क्रियान्वयन हेतु समन्वय: विकसित भारत@2047 के लिए कृषि अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार का स्वरूप”
इस थीम के तहत कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार कार्यों में सुधार हेतु रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी।
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं
उच्च स्तरीय भागीदारी
सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। वे एक उच्च स्तरीय पैनल की अध्यक्षता भी करेंगे जिसमें राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (NARS) को पुनर्कल्पित करने पर चर्चा होगी।
सम्मेलन में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और कृषि राज्य मंत्री श्री भगीरथ चौधरी भी विशेष संबोधन देंगे।
तीन मुख्य सत्र आयोजित होंगे:
- पैनल चर्चा I: विकसित भारत@2047 के लिए NARS की पुनर्कल्पना
- पैनल चर्चा II: कृषि शिक्षा का पुनर्निर्देशन
- विशेषज्ञ सत्र: अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार के समन्वय की रणनीतिक दिशा
विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का एक मंच
इस सम्मेलन में नीति आयोग, पूर्व ICAR महानिदेशक, विभिन्न वैज्ञानिक विषयों के उप महानिदेशक, कुलपति, और अन्य नीति विशेषज्ञ भाग लेंगे। उनका उद्देश्य कृषि अनुसंधान और शिक्षा को राष्ट्रीय विकास की दिशा में केंद्रित करना है।
समापन और अनुशंसाएँ
दिन के अंत में, केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में समापन सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें सम्मेलन की प्रमुख अनुशंसाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। ये सुझाव भविष्य की कृषि नीतियों और योजनाओं का आधार बनेंगे।
निष्कर्ष
ICAR का यह सम्मेलन भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक निर्णायक मोड़ सिद्ध हो सकता है। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार कार्यों में एकरूपता और नवाचार अनिवार्य है। यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र की समग्र दिशा को आकार देने का एक प्रभावशाली प्रयास है।
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