केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री श्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने राज्यों से आग्रह किया है कि वे रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (RoRs) के साथ आधार नंबरों का एकीकरण शीघ्रता से पूरा करें। यह कदम भूमि स्वामित्व को डिजिटल पहचान से जोड़ने, धोखाधड़ी रोकने और किसान कल्याण योजनाओं जैसे पीएम-किसान, फसल बीमा, और एग्रीस्टैक के लाभ पहुंचाने में मदद करेगा।
डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP)
गुंटूर, आंध्र प्रदेश में डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन में, मंत्री ने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से सर्वेक्षण और पुनः सर्वेक्षण के कार्यों को पूरा करना आवश्यक है। यह कार्यक्रम भूमि अभिलेखों को डिजिटाइज करने और आधुनिक बनाने के लिए तैयार किया गया है।
अर्थव्यवस्था और विकास में भूमि की भूमिका
श्री पेम्मासानी ने कहा कि भूमि न केवल एक संपत्ति है बल्कि यह पहचान, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक भी है। भारत में 90% नागरिकों के लिए भूमि सबसे मूल्यवान संपत्ति है। फिर भी, पुराने और अपूर्ण भूमि अभिलेख विवाद, विकास में देरी और न्याय में बाधा का कारण बने हुए हैं।
सर्वेक्षण और पुनः सर्वेक्षण की स्थिति
मंत्री ने बताया कि देश में आखिरी व्यापक भूमि सर्वेक्षण 1880 से 1915 के बीच हुआ था। कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सर्वेक्षण अधूरा है। वर्तमान काडस्ट्रल मानचित्र भी अद्यतन नहीं हैं।
तकनीकी समाधान और केंद्रीकृत प्रयास
श्री पेम्मासानी ने बताया कि केंद्र सरकार ने एक प्रौद्योगिकी-आधारित और केंद्रीकृत प्रयास का संकल्प लिया है। ड्रोन और एआई जैसी तकनीकों का उपयोग करते हुए सर्वेक्षण किया जाएगा, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में 90% सस्ता होगा। इस कार्यक्रम के पहले चरण में 3 लाख वर्ग किमी ग्रामीण कृषि भूमि को कवर किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹3000 करोड़ होगी।
शहरी भूमि रिकॉर्ड के लिए “नक्शा” पहल
केंद्रीय मंत्री ने “नक्शा” पहल के तहत शहरी और उप-शहरी भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण की भी चर्चा की। इससे शहरी नियोजन, किफायती आवास और नगर पालिका राजस्व में सुधार होगा।
भविष्य की दिशा
श्री पेम्मासानी ने कहा कि सटीक भूमि अभिलेख कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे। यह पहल भारत को भूमि विवादों से भूमि विश्वास की ओर ले जाएगी। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि वे इस दीर्घकालिक कार्य को शीघ्रता से पूरा करने में केंद्र का सहयोग करें।
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