राष्ट्रीय मधुमक्खी एवं शहद मिशन (National Beekeeping and Honey Mission – NBHM) की शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में की गई थी। इसका उद्देश्य मधुमक्खी पालन को एक संरचित, वैज्ञानिक और लाभकारी व्यवसाय बनाना है। यह मिशन प्रधानमंत्री मात्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) और आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में सुधार हो सके।
मुख्य उद्देश्य: समग्र विकास और किसानों की आय में वृद्धि
NBHM का प्रमुख लक्ष्य है:
- वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना
- शहद उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को सुदृढ़ करना
- रोजगार सृजन और किसानों की दोगुनी आय का लक्ष्य
- परागण (Pollination) के माध्यम से कृषि फसलों की उत्पादकता में वृद्धि
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोज़गार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना
प्रबंधन और क्रियान्वयन: तीन-स्तरीय ढांचा
मिशन का क्रियान्वयन राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (National Bee Board – NBB) के माध्यम से किया जा रहा है। इसका तीन-स्तरीय ढांचा है:
- राष्ट्रीय स्तर (National Level)
- राज्य स्तर (State Level)
- जिला स्तर (District Level)
यह संरचना योजनाओं की निगरानी, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन को सुनिश्चित करती है।
प्रमुख घटक: शहद मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाना
NBHM के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है:
- मधुमक्खी पालकों को प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- शहद और मधुमक्खी उत्पादों के लिए प्रसंस्करण यूनिट्स की स्थापना
- शीतगृह, पैकिंग यूनिट और ब्रांडिंग
- ई-मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा
- गुणवत्ता नियंत्रण एवं प्रमाणीकरण प्रयोगशालाएं की स्थापना
रोजगार, जैव विविधता और निर्यात का नया द्वार
- मधुमक्खी पालन से पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है।
- यह मिशन महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत विकल्प प्रदान करता है।
- भारतीय शहद की वैश्विक मांग को देखते हुए, NBHM निर्यात क्षमता को भी सशक्त करता है।
गुणवत्ता नियंत्रण और प्रमाणीकरण पर विशेष ध्यान
NBHM के अंतर्गत शहद की शुद्धता बनाए रखने हेतु प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे अशुद्ध शहद की बिक्री पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।
ग्रामीण विकास का नया स्तंभ
राष्ट्रीय मधुमक्खी एवं शहद मिशन (NBHM) न केवल शहद उत्पादन को बढ़ावा देता है, बल्कि यह एक समावेशी विकास मॉडल भी है, जो कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य और रोजगार – चारों क्षेत्रों को लाभ पहुंचाता है। यह मिशन किसानों को “फसल के साथ आय का एक और स्रोत” प्रदान करता है और भारत को वैश्विक शहद उत्पादन का अग्रणी देश बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
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