धान की अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए नर्सरी की तैयारी सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण है। यदि नर्सरी सही ढंग से तैयार की जाए, तो पौध स्वस्थ और मजबूत होती है, जिससे खेत में रोपाई के बाद अच्छी उपज मिलती है। इस लेख में हम जानेंगे कि धान की नर्सरी कैसे तैयार करें, कौन-कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए, बीज का चुनाव कैसे करें और उपज को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
नर्सरी की तैयारी कैसे करें
स्थान का चुनाव
- धान की नर्सरी के लिए समतल, जल निकासी वाली और उर्वर मिट्टी वाला स्थान चुनें। जगह ऐसी हो जहां सिंचाई और निकासी दोनों की सुविधा हो।
भूमि की तैयारी
- खेत को अच्छे से जोतकर पाटा लगाएं।
- गोबर की अच्छी सड़ी खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं।
- अंतिम जुताई से पहले जैविक खाद और नीम खली डाल सकते हैं।
बेड बनाना
- बेड की लंबाई 3 मीटर और चौड़ाई 1.2 मीटर रखें।
- दो बेड के बीच 30 सेमी का रास्ता रखें ताकि पानी और श्रमिकों की आवाजाही आसान हो।
बीज का चयन और उपचार
बीज का चयन
अच्छे किस्म के प्रमाणित और रोगमुक्त बीज का ही चुनाव करें। हाई यील्डिंग वैरायटी या हाइब्रिड बीज इस्तेमाल करें जैसे – PUSA Basmati 1121, MTU-7029, IR-64 आदि।
बीज उपचार
- बीज को 10% नमक घोल में डालें – जो बीज तैरते हैं, उन्हें हटा दें।
- बीज को 12-24 घंटे पानी में भिगोएं और फिर 24 घंटे छायादार जगह में रखें ताकि अंकुरण शुरू हो जाए।
- कवकनाशी (fungicide) जैसे कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा से बीज को उपचारित करें।
नर्सरी में बीज बुवाई
- अंकुरित बीजों को तैयार बेड पर छाया में समान रूप से फैलाएं।
- ऊपर से पतली परत में मिट्टी या गोबर की खाद मिलाकर ढंक दें।
- हल्की सिंचाई करें और नमी बनाए रखें।
देखभाल और सावधानियाँ
- समय-समय पर हल्की सिंचाई करें, पानी का जमाव न होने दें।
- खरपतवार को समय पर हटाएं।
- कीट या रोग का लक्षण दिखे तो जैविक या उचित रसायन का प्रयोग करें।
- नर्सरी में बहुत ज्यादा पानी या सूखा दोनों हानिकारक होते हैं।
ज्यादा पैदावार के लिए सुझाव
- सही समय पर रोपाई: नर्सरी की उम्र 20-25 दिन होने पर रोपाई करें।
- लाइन से रोपाई करें: पौधों के बीच 20×15 या 20×20 सेमी की दूरी रखें।
- उर्वरकों का संतुलित उपयोग: NPK और जैविक खाद का संतुलित प्रयोग करें।
- जल प्रबंधन: खेत में जलस्तर को नियंत्रित रखें, विशेषकर बालपन और फूल आने के समय।
- समय पर निराई-गुड़ाई और रोग नियंत्रण।
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