TREE 1

गर्मियों में जब तापमान 40°C से ऊपर पहुंचने लगता है, तो यह फलदार पेड़ों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। तेज़ धूप, कम आर्द्रता और गर्म हवाओं के चलते पौधों में सनबर्न और सन स्काल्ड जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इससे पत्तियां, टहनियां और फल सूखने लगते हैं, जिससे पैदावार में भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में वैज्ञानिक तरीके अपनाकर पौधों को इस गर्मी से बचाया जा सकता है।

सन स्काल्ड और गर्मी से होने वाले नुकसान

सीधे धूप के संपर्क में आने से पत्तियां जलने लगती हैं

वायुमंडलीय नमी कम और गर्म हवाएं तेज़ हों, तो पौधों से अत्यधिक भाप निकलती है

नीबू जैसे पेड़ों में ये प्रभाव ज़्यादा होते हैं

खासतौर पर दक्षिण-पश्चिम दिशा से अधिक धूप पड़ती है, जिससे पौधे अधिक प्रभावित होते हैं। 

गर्मी में बाग की सुरक्षा के प्रभावी उपाय

1. छाया व्यवस्था

नए या छोटे पौधों को कांस, मूंज, कड़वी आदि की टटियों से ढकें

गमलों के पौधों को बड़े पेड़ों की छाया में रखें

2. तनों को ढकना

पौधों के तनों को अखबार से ऊपर से नीचे तक लपेटें

यह सूर्य की सीधी किरणों से बचाता है और तापमान कम बनाए रखता है

3. नियमित और समयबद्ध सिंचाई

तापमान और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सिंचाई का अंतराल कम करें

हल्की नमी बनाए रखें लेकिन जलभराव से बचें

गर्मियों में रात 2 बजे से सुबह 9 बजे के बीच सिंचाई करना उपयुक्त रहता है

4. विंड ब्रेक लगाना

बाग के पश्चिम दिशा में लंबे और सदाबहार पेड़ों की 2–3 पंक्तियाँ लगाएं

उपयुक्त पेड़: जामुन, बांस, कटहल, महुआ, पोपलर, सफेदा, सूलबूल, टीक

यदि विंड ब्रेक तैयार न हो, तो कच्ची/पक्की दीवार का उपयोग करें

5. पेड़ों पर सफेदी करना

बसंत के मौसम में दोहरी सफेदी की कोटिंग करें

यह गर्मी और कीड़ों से सुरक्षा देता है

सफेदी धूप को रिफ्लेक्ट करती है, जिससे तनों का तापमान कम होता है

6. नर्सरी पौधों के लिए ग्रीन हाउस

छोटे और नर्सरी के पौधों को ग्रीन हाउस में रखें

ग्रीन हाउस कम लागत वाली स्थानीय सामग्री से भी बनाया जा सकता है

यह पौधों को सीधी धूप, तेज़ हवा और तापमान उतार-चढ़ाव से बचाता है

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