परिचय व इतिहास

परिचय:- ब्लॉग एक प्रकार की व्यक्तिगत वेबसाइट होती है जिन्हें डायरी की तरह लिखा जाता है। ब्लॉग में लेख, फ़ोटो और अन्य लिंक भी जोड़े जाते हैं। ब्लॉग को हिंदी में चिट्ठा कहते हैं जबकि ब्लॉग लिखने वाले को ब्लॉगर या चिट्ठाकार कहते हैं।ब्लॉग अंग्रेजी शब्द वेबलॉग का सूक्ष्म रूप है जो बाद में ब्लॉग के रूप में प्रसिद्ध हो गया। जहाँ तक हिंदी के ब्लॉगिंग की बात है हिन्दी का सबसे प्रथम ब्लॉग आलोक कुमार जी ने बनाया था। ब्लॉग का हिंदी शब्द चिट्ठा भी उन्हीं के द्वारा प्रतिपादित किया गया है। हिंदी का सबसे पहला ब्लॉग नौ दो ग्यारह था जो आलोक कुमार ने पोस्ट किया था।

इतिहास (history)

सत्तर के दशक के आसपास ब्लॉग की उत्पत्ति हुई तथा 1990 के समय इंटरनेट पर इसका विधिवत प्रदार्पण हुआ। तब से लेकर अब तक बहुत तीव्र विकास हुआ है और अनुमान है कि 130 मिलियन के करीब आज ब्लॉग संचालित हैं।

यहाँ एक प्रश्न उठता है कि आखिर पहला ब्लॉग लिखा किसने है? जिसका कोई निश्चित और सही जवाब किसी के पास नहीं है, क्योंकि सबकी अपनी अपनी रॉय है। लेकिन प्रायः dave winer, jorn bager , justin hall को अलग अलग ढंग से प्रथम ब्लॉगर के रूप में देखा जाता है। इनमें से कौन प्रथम ब्लॉगर है ये कहना असंभव है।

ब्लॉग की शुरुआत कहाँ से माने यह भी निश्चित नही है। एक दृष्टि डाले तो सन 1971 में, स्टैनफोर्ड कुछ प्रयोग करते हैं और वह आगे चलकर फिंगर प्रोटोकॉल कहलाया। दिसंबर 1977 में फिंगर प्रोटोकॉल एक अधिकारिक मानक बन जाता है।

जनवरी 1994 में, जस्टिन हॉल अपनी साइट links.net में लिंक की सूची संकलन शुरू करते हैं। और उनका यह क्रम लगातार 11 साल जारी रहता है। जनवरी 1995 में Carolyn burke (कैरोलिन बुर्क) ऑनलाइन रोजनामचा रखना प्रारम्भ करते हैं और यह कैरोलीनिन डायरी नाम से विख्यात होती है।

अप्रैल 1997, में dave winer पटकथा समाचार (scripting news) इंटरनेट पर जारी करते हैं। यह आजतक का इंटरनेट पर लंबा वेब लाग प्रक्षेपण (launch) माना जाता है।

दिसंबर 1997 में ही jorn bargers द्वारा एक साइट robotwisdom.com प्रस्तुत की जाती है जिसे पहले वेबलॉग के रूप में व्याख्यायित किया जाता है।

सन 1999 में brad Fitzpatrick द्वारा livejournal प्रस्तुत किया , जिसे संयोग से सफल launch माना जाता है।

सन 1999 में ही peter merholz अपनी साइट peterme.com पर व्याख्या करते हैं “To pronounce the word weblog as weblog or blog for short” यह शाब्दिक व्याख्या थी । वही प्रकाशक marriam Webster द्वारा अपने शब्दकोष में ब्लॉग से तात्पर्य मुद्रित print से लिया जाता है।

अगस्त 1999 में तीन दोस्तों (Evan Williams, meg hourihan,and ather) ने सेनफ्रांसिस्को में pyra labs की स्थापना की और एक उपकरण का निर्माण किया, जो blogger कहलाया। अक्टूबर 2001 में, चलप्रकार(movable type) की सामग्री प्रबंधन का सॉफ्टवेयर इजाद हुआ।

फरवरी 2003 में, गूगल ने , pyra से ब्लॉगर सॉफ्टवेयर का अधिग्रहण कर लिया जो आगे चलकर ब्लॉग युग का एक महत्वपूर्ण पल साबित हुआ। ऐसी परंपरा में wordpress ने मई 2003 में आधिकारिक रूप से मुक्त स्त्रोत ब्लॉगिंग डाऊनलोड सॉफ्टवेयर जारी किया। अक्टूबर 2003 में ही typepad द्वारा ब्लॉगिंग सेवा के लिए अभूतपूर्व प्रयोग शुरू किया गया। इसी समय हिंदी माध्यम में ब्लॉगिंग का प्रारंभ हुअ जिनमे Unicode और मंगलफोन्ट जैसे आदि सॉफ्टवेयर ने मुख्य भूमिका निभाई। हिंदी में ब्लॉग का सुभारम्भ आलोक कुमार ने किया।

जनवरी 2004 में Steve Garfield ने बॉस्टन आधारित वीडियो ब्लॉग प्रस्तुत किया। यह प्रथम वीडियो ब्लॉग था। सिंतबर 2004 में, यूनाइटेड किंगडम के गार्जियन अखबार ने अपने को नया स्वरूप देते हुए 2 पृष्ठ में एक दैनिक ब्लॉग का लिखा जाना प्रारम्भ किया।

VerSIgn अक्टूबर 2005 में, Dave winers से weblogs.com खरीद लेते हैं।

जून 2006 में bbc समाचार द्वारा एक वेबलॉग शुरू किया गया। तथा 2007 तक आते आते ब्लॉग की दुनिया काफ़ी व्यापक हो गयी। पर आज भी इसमें दिन प्रतिदिन विकास हो रहा है।

निष्कर्ष

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ब्लॉग्स के शुरुआती दौर से अब तक इसमें परिवर्तन और नयापन के साथ साथ लोगों को जोड़ने की क्षमता भी दिनों दिन बढ़ रही है।

ब्लॉग की उपयोगिता और उसका महत्व

ब्लॉग की उपयोगिता:- आज इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं को ही नही बल्कि समाचार पत्रों के पाठकों के लिए भी अनजान शब्द नहीं रह गया है। आज मनुष्य से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा पहलू हो , जिसको लेकर इंटरनेट पर ब्लॉग न लिखा जा रहा हो। ब्लॉगिंग की लोकप्रियता के साथ इसकी उपयोगिता भी लोग समझ रहे हैं और इसकी ओर आकर्षित भी हो रहे हैं।ब्लॉगिंग को वेब डायरी भी कह सकते हैं। यह एक ऐसा माध्यम है जिसके माध्यम से लोग खुलकर अपने विचारों की अभिव्यक्ति कर रहे हैं।

ब्लॉगिंग की उपयोगिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने बहुत कम समय मे समाज मे अपनी जगह बना ली। 2003 में जब इस माध्यम की नई नई चर्चा प्रारम्भ हुई थी, तब ब्लॉगिंग को लेकर हिंदी में आरंभिक लेख मनोहर श्याम जोशी ने ही लिखा था। इसके माध्यम से उन्होंने न केवल ये बताया कि इसकी उपयोगिता क्या क्या है, यह भी बताया कि इसके ऐतिहासिक संदर्भ क्या हैं? भविष्य में इसकी लोकप्रियता कितनी बढ़ने वाली है। इस लेख ने उन्होंने बताया है–” वियतनाम युद्ध से टीवी पत्रकारिता चमकी। पहले खाड़ी युद्ध मे CNN ने इस विधा को दुनिया के कोने कोने में पहुँचाया। भारतीय टीवी पत्रकारिता कारगिल युद्ध से पुरे उभार में आई और वहीं इराक युद्ध ने ब्लॉग पत्रकारिता को प्रतिष्ठित कर दिया है”।

ब्लॉग का महत्व:-ब्लॉगिंग को शुरू में एक व्यक्ति के विचारों , भावनाओं या अनुभवों को साझा करने के लिए एक अद्वितीयक मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। आज यह और विकसित अवस्था में, लाखों लोगों द्वारा उपयोग किये जाने वाले प्लेटफार्म में विकसित हो गया है, व्यक्तियों से व्यवसाय तक इसने अपनी पकड़ बना ली है।

● किसी भी प्रकार के जॉब की जरूरत नहीं है क्योंकि ब्लॉगिंग नौकरी से कई ज्यादा बेहतर है।

● ब्लॉग के माध्यम से ऑनलाइन व्यापार भी शुरू किया जा सकता है।

● business करने वालों को और ग्राहक मिल सकते हैं।

● ब्लॉगर में पैसे कमाने से पहले व्यक्ति लिखने का तरीका सीख जाता है।

● लेखक का दर्जा प्राप्त कर लेने पर सम्मान में उन्नति।

● ब्लॉग लोगों तक आसानी से पहुँच जाता है व इनकी प्रक्रिया भी व्यक्ति को आसानी से प्राप्त हो जाती हैं।

● ऑनलाइन दुनिया से जुड़ने का मौका व उससे बहुत कुछ नया सीखने का मौका मिलता है।

● ब्लॉग के माध्यम से किसी क्षेत्र में व्यक्ति को विशेषता प्राप्त हो सकती है।

● ब्लॉग के माध्यम से कई प्रकार का सामान आसानी से बेचा जा सकता है।

● विचारों के लिए कोई रोक टोक नहीं।

प्रमुख ब्लॉगों का अध्ययन

बहुत से लोगों को अंग्रेजी में जानकारी होते हुए भी, हिंदी में ब्लॉग पढ़ना पसंद होता है ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजमी है कि वह कैसे ब्लॉग्स पढ़े। ऐसे में अच्छे ब्लॉग्स का पता होना अति आवश्यक है। सन 2014 के पहले इंटरनेट पर चाहे वो सामाजिक मंच हो या कोई और मंच, ब्लॉग्स के वेबसाइटों का बोलबाला था। लेकिन 2014 के बाद इंटरनेट में हिंदी भाषा का प्रभाव तेजी से बढ़ने लगा। जिसको देखते हुए प्रमुख ब्लॉग कौन हैं कि होड़ लग गयी, जहाँ ब्लॉग विषय के अनुसार व उनके आकड़ो के अनुसार प्रमुख माने गए।

प्रमुख ब्लॉग

1) परिकल्पना ब्लॉग का सर्वे

● समाज, राजनीति, धर्म, दर्शन, संस्कृति- 22 प्रतिशत

● विज्ञान, इतिहास- 1 प्रतिशत

● यात्रा, जीवन शैली, स्वास्थ्य, सज्जा- 14 प्रतिशत

● news related blog- 5 प्रतिशत

● सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधि -5 प्रतिशत

● हिंदी प्रचार- 18 प्रतिशत

● हास्य व्यंग्य पहेली कार्टून – 3 प्रतिशत

● शिक्षा- 2 प्रतिशत

ब्लॉग विषय:- महिला, दलित, आदिवासी , राजनीति, समाज , धर्म, दर्शन, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य , इतिहास, साहित्य , यात्रा , जीवन-शैली, खान-पान।

2) मेरा बाद गाइड (सीखना बंद करो) :- mybigguide.com के संस्थापक अभिमन्यु भारद्वाज हैं उन्होंने अपने ब्लॉग की शुरुआत 2014 में किया था। हिंदी में कंप्यूटर मोबाइल टेक्नोलॉजी से रिलेटेड सटीक जानकारी मिलेगी। इस ब्लॉग पर ज्यादातर छात्र वे आते हैं जो कंप्यूटर कोर्स से संबंधित कुछ जानना चाहते हैं।

3) कंप्यूटर हिंदी नोट्स:- computerhindinotes.com के संस्थापक आशीष विश्वकर्मा हैं , सन 2017 में इन्होंने अपने ब्लॉग्स की शुरुआत की । इसमें भी कंप्यूटर से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।

4) ज्ञानी पंडित:- gyanipandit.com के संस्थापक मयूर के हैं, उन्होंने अपना ब्लॉग सिंतबर 2014 में शुरू किया था। इस ब्लॉग पर प्रेरक लेख और जीवनी की जानकारी हिंदी भाषा में सरल रूप से प्राप्त होती है।

5) acchikhabar.com :- ke रचयिता गोपाल मिश्रा जी हैं और इनका उद्देश्य अपने ब्लॉग के द्वारा लोगों को हिंदी भाषा मे मूल्यवान जानकारी देना है। ये अपने ब्लॉग में विज्ञापन और सम्बद्ध प्रचार के द्वारा अर्जित करते हैं। इन्होंने अपने ब्लॉग की शुरुआत अगस्त 2011 में की थी।

6) acchisoch.com के संस्थापक अब्दुल कादर खान हैं और इनका मकसद देश के लोगों को अपनी मातृभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता लाने और अच्छी जानकारी देना है । कमाई का जरिया इनका विज्ञापन से है। अक्टूबर 2015 में ब्लॉग की शुरुआत की।

7) Newstrent.news इस समाचार ब्लॉग का उद्देश्य लोगों को हिंदी में समाचार देना है। वेब जगत में हिंदी का विस्तार करने मे इस समाचार ब्लॉग का सराहनीय कदम है। इस समाचार ब्लॉग का आरंभ सिंतबर 2015 में हुआ।इनका विषय हिंदी में न्यूज़ देना है। समाचार पढ़ने वालों के लिए यह एक पसंदीदा ब्लॉग है।कमाई का जरिया विज्ञापन है।

8) हिंदी टेक गुरु:- hinditechguru.com का उद्देश्य लोगों का हिंदी में बदलाव लाना है, आपको यहाँ पर हिंदी में अभ्यास , इंटरनेट से पैसे कमाना, और फोटोग्राफी के बारे में जानकारी दी जाती है। इस ब्लॉग की शुरुआत फरवरी 2012 में हुई थी।

ब्लॉग निर्माण व लेखन

ब्लॉग निर्माण:- लिखना हम में से कई लोगों को पसंद होता है। जैसे जैसे हमारा जीवन अनुभव से बढ़ता जाता है वैसे वैसे हमारे मन मे विभिन्न प्रकार के विचार जन्म लेते हैं। कई बार हमें अपने मन की बात इतनी पसंद आ जाती है कि हम उसे दुनिया को भी बताना चाहते हैं। इसके लिए हमारे पास विभिन्न प्रकार के विकल्प हैं जिसका प्रयोग करके हम अपने मन की इच्छा को सभी के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। पहले लोग इसके लिए डायरी का इस्तेमाल करते थे लेकिन उसमें यह मुश्किल सामने आती है कि जो हम लिखते हैं वह बस हमारे और डायरी के बीच ही सीमित रह जाता है और उसे सुनाने के लिए किसी को तैयार करना भी एक मुश्किल काम होता है, क्योंकि सब की रुचियां एक सी नहीं होती। ऐसे में, टेक्निकल दौर में , अपने विचारों की अभियक्ति और अपना एक अलग पहचान बनाने के लिए , ब्लॉग निर्माण से अच्छा कोई अन्य माध्यम नहीं हो सकता, जहाँ अपने ही जैसे लिखने की रुचि वाले कई लोग से संपर्क का अवसर मिलता है।

ब्लॉग निर्माण करते हुए निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:-

1) ब्लॉग के विषय का चयन

2) विषय की रुचि

3) पूर्ण व पूर्व जानकारी

4) शुरुआत

5) विषय की प्रस्तुति

6) ब्लॉग अपने लिए लिख रहा है इस बात का ध्यान रखना।

ब्लॉग लेखन

1) आकर्षक 2) सरल हो 3) छोटा हो 4) मुहावरे व लोकोक्तियां जो जिज्ञासा पैदा करे 4)informative हो 5) हैडिंग सही हो 6) एकरूपता 7)तारतम्यता

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