shree ganesh

भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता और बुद्धि, समृद्धि के देवता के रूप में जाना जाता है, न केवल भारत में बल्कि विश्व के कई देशों में पूजे जाते हैं। गणेश जी की लोकप्रियता इतनी है कि विदेशों में भी उनके मंदिर, मूर्तियां और उत्सव देखने को मिलते हैं।

नेपाल – पड़ोसी देश में गहरी गणेश भक्ति

  • नेपाल में गणेश जी को बहुत सम्मान के साथ पूजा जाता है।
  • यहां काठमांडू और अन्य प्रमुख शहरों में गणेश मंदिर स्थित हैं।
  • नेपाली संस्कृति में गणेश जी को शुभारंभ के देवता माना जाता है।

श्रीलंका – हिंदू और बौद्ध, दोनों करते हैं पूजन

  • श्रीलंका में विशेष रूप से तमिल हिंदू समुदाय भगवान गणेश की पूजा करता है।
  • यहां गणेश चतुर्थी के अवसर पर बड़े पैमाने पर पूजा और शोभायात्राएं होती हैं।

थाईलैंड – बुद्ध और गणेश का संगम

  • थाईलैंड में गणेश जी को “फ्राफिकानेट” के नाम से जाना जाता है।
  • यहां के कलाकार, व्यापारी और विद्यार्थी विशेष रूप से गणेश जी की पूजा करते हैं।

इंडोनेशिया – प्राचीन संस्कृति में गणेश का स्थान

  • इंडोनेशिया, जो एक मुस्लिम बहुल देश है, वहां भी गणेश जी की छवि और मूर्तियां देखने को मिलती हैं।
  • खासकर जावा और बाली में मंदिरों में गणेश की उपस्थिति महत्वपूर्ण है।

कंबोडिया – ऐतिहासिक मंदिरों में गणेश मूर्तियां

  • कंबोडिया के प्राचीन अंगकोर मंदिरों में गणेश जी की सुंदर नक्काशी और मूर्तियां आज भी देखी जा सकती हैं, जो उनके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं।

जापान – गणेश का अनोखा रूप

  • जापान में गणेश जी को “कंगितेन” कहा जाता है। यहां उन्हें सुख, सौभाग्य और समृद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है।

फिजी – भारतीय प्रवासियों की भक्ति

  • फिजी में भारतीय मूल के लोग गणेश जी की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से करते हैं।
  • गणेश चतुर्थी यहां भी धूमधाम से मनाई जाती है।

मॉरीशस – हर घर में गणेश की उपस्थिति

  • मॉरीशस में लगभग हर हिंदू परिवार में भगवान गणेश की मूर्ति होती है।
  • यहां गणेश चतुर्थी राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है।

निष्कर्ष

भगवान गणेश की भक्ति सीमाओं से परे है। चाहे एशिया हो, यूरोप हो या ओशिनिया, गणेश जी के अनुयायी हर जगह मिल जाते हैं। यह उनके वैश्विक प्रभाव और सभी के जीवन में शुभता लाने की शक्ति को दर्शाता है।

Tumblr        

Read More


Discover more from अपना रण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from अपना रण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading