अगर आप अपने बगीचे या बालकनी में कोई ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो न सिर्फ देखने में सुंदर हो बल्कि पूरे माहौल को महका दे, तो यह समय एक खास फूल लगाने का है, जिसे “खुशबू का राजा” कहा जाता है। यह फूल अपनी तेज़ और मधुर सुगंध के लिए जाना जाता है और बरसात के बाद इसे गमले में लगाना सबसे फायदेमंद होता है।
कौन सा है यह खुशबूदार फूल?
यह फूल है – रजनीगंधा (Tuberose)।

रजनीगंधा न सिर्फ फूलों की सजावट में इस्तेमाल होता है, बल्कि इसकी खुशबू इतनी मनमोहक होती है कि इसका उपयोग इत्र और परफ्यूम बनाने में भी किया जाता है। यह पौधा कम जगह में भी अच्छी तरह बढ़ता है, इसलिए गमले में लगाना बेहद आसान और लाभकारी है।
क्यों बरसात के बाद लगाना है फायदेमंद?
नमी से भरपूर मिट्टी
- बरसात के बाद मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है जो रजनीगंधा के कंद को अंकुरित करने में मदद करती है।
तापमान अनुकूल होता है
- सितंबर और अक्टूबर के महीने इस फूल को लगाने के लिए आदर्श होते हैं क्योंकि मौसम न ज़्यादा गर्म होता है और न ज़्यादा ठंडा।
गमले में रजनीगंधा कैसे लगाएं?
गमले का चयन
- कम से कम 10 इंच गहरा और छेद वाला गमला चुनें ताकि पानी का निकास अच्छा हो।
मिट्टी की तैयारी
- बालू, मिट्टी और गोबर खाद या कंपोस्ट का मिश्रण पौधे की अच्छी वृद्धि में सहायक होता है।
कंद (bulb) रोपण
- रजनीगंधा कंद से उगाया जाता है। कंद को 2-3 इंच गहराई में रोपें और हल्का पानी दें।
धूप और पानी
- रजनीगंधा को रोज 4-5 घंटे की धूप मिलनी चाहिए। पानी सप्ताह में दो बार दें, लेकिन बहुत अधिक न दें ताकि कंद सड़े नहीं।
रजनीगंधा की देखभाल के टिप्स
- सूखे पत्तों और फूलों को समय-समय पर हटाते रहें।
- महीने में एक बार जैविक खाद जरूर डालें।
- फूल आने के बाद तनों को सहारा देने के लिए डंडी लगा सकते हैं।
फायदे: क्यों लगाना चाहिए ये फूल?
- घर और बालकनी की शोभा बढ़ाता है
- प्राकृतिक सुगंध से वातावरण महकता है
- मच्छर और कीड़ों को दूर रखने में सहायक
- मानसिक शांति और सुकून देने वाला फूल
निष्कर्ष
बरसात के मौसम के बाद का समय फूल लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, और रजनीगंधा जैसा सुगंधित फूल न केवल आपके बगीचे को सुंदर बनाता है, बल्कि आपके मूड को भी खुशगवार करता है। इसलिए इस बार मानसून जाते ही एक गमले में रजनीगंधा लगाकर अपने घर को एक प्राकृतिक परफ्यूम दें।
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