ALOVERA

एलोवेरा एक औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है, जो कम पानी और सूखी जलवायु में बेहतर तरीके से फलता-फूलता है। लेकिन बरसात का मौसम इसके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अत्यधिक नमी, लगातार पानी का जमाव और धूप की कमी के कारण एलोवेरा की जड़ें और तना सड़ने लगते हैं। यदि समय रहते इसकी देखभाल न की जाए, तो पूरा पौधा खराब हो सकता है।

क्यों सड़ता है एलोवेरा का पौधा बरसात में?

पानी का जमाव

  • एलोवेरा को बहुत अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन बरसात में अगर मिट्टी में पानी रुक जाए, तो जड़ें गलने लगती हैं।

नमी से फंगल संक्रमण

  • लगातार गीली मिट्टी और नमी भरे वातावरण में फफूंद (फंगल) का हमला जल्दी होता है, जिससे पौधा सड़ने लगता है।

पर्याप्त धूप की कमी

  • बरसात में सूरज की रोशनी कम मिलती है, जिससे एलोवेरा की ग्रोथ रुक जाती है और नमी ज़्यादा रहने लगती है।

बरसात में एलोवेरा को सड़ने से बचाने के उपाय

सही गमले का चुनाव करें

  • ऐसा गमला चुनें जिसके नीचे ड्रैनेज होल्स हों ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।

अच्छी तरह ड्रेनेज वाली मिट्टी उपयोग करें

  • रेतीली या कंकड़ मिश्रित मिट्टी का प्रयोग करें जो पानी को जल्दी सूखने में मदद करे।

पानी देने में सावधानी बरतें

  • बरसात में पौधे को बहुत कम पानी दें। यदि बारिश हो रही हो तो पानी न डालें।

गमले को शेड या छांव में रखें

  • पौधे को ऐसी जगह रखें जहाँ उस पर सीधी बारिश न पड़े, लेकिन थोड़ी रोशनी आती रहे।

पीली और सड़ी पत्तियों को तुरंत काटें

  • अगर किसी पत्ते में सड़न या पीलापन दिखाई दे, तो उसे तुरंत काटकर अलग कर दें ताकि बाकी पौधा बचा रहे।

एलोवेरा पौधे की नियमित सफाई भी है ज़रूरी

  • पत्तियों पर जमी धूल या नमी को समय-समय पर साफ करें ताकि फंगल संक्रमण से बचा जा सके। साफ और सूखा वातावरण एलोवेरा के लिए फायदेमंद होता है।

निष्कर्ष

एलोवेरा एक उपयोगी और दिखने में सुंदर पौधा है, लेकिन बरसात में इसकी देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। थोड़ी-सी समझदारी और सावधानी अपनाकर हम इसे सड़ने से बचा सकते हैं और लंबे समय तक इसके औषधीय लाभों का लाभ उठा सकते हैं।

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