हर साल 22 जुलाई को भारत में नेशनल मैंगो डे (National Mango Day) मनाया जाता है। यह दिन हमारे राष्ट्रीय फल “आम” को समर्पित होता है, जिसे ‘फलों का राजा’ भी कहा जाता है। आम भारत में ग्रीष्म ऋतु के दौरान भरपूर मात्रा में पाया जाता है और इसकी लोकप्रियता देशभर में है।
भारत: दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश
भारत न केवल आम का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक और निर्यातक देश भी है। वैश्विक आम उत्पादन का लगभग 40% अकेले भारत में होता है, जो देश की आर्थिक प्रगति में भी योगदान देता है।
नेशनल मैंगो डे का इतिहास
आम की खेती भारत में लगभग 4,000 वर्षों से की जा रही है। यह फल न केवल भारतीय भोजन का हिस्सा है, बल्कि भारतीय लोककथाओं और परंपराओं में भी इसका विशेष स्थान रहा है। आम का भारतीय संस्कृति से बहुत गहरा रिश्ता है और यह सदियों से लोगों की पसंदीदा फल रहा है।
रोज़ाना कितने आम खाने चाहिए?
आम का स्वाद भले ही लाजवाब हो, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
- एक दिन में आधा बड़ा आम या लगभग 150 ग्राम आम खाना पर्याप्त होता है।
- इस मात्रा में लगभग 125 से 150 कैलोरी होती है, जो एक स्वस्थ मात्रा मानी जाती है।
- एक बड़ा आम 300–350 ग्राम का होता है, और उसमें लगभग 250–300 कैलोरी हो सकती हैं।
- यदि किसी वयस्क की दैनिक कैलोरी आवश्यकता 2,000 कैलोरी है, तो एक बड़ा आम 15% कैलोरी की पूर्ति कर देता है।
निष्कर्ष: सीमित मात्रा में खाएं आम
आम जरूर पोषक तत्वों और स्वाद से भरपूर होता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन वजन बढ़ा सकता है और रक्त शर्करा को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए और 150 ग्राम प्रतिदिन आदर्श माना जाता है।
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