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प्लास्टिक मल्चिंग क्या है?

प्लास्टिक मल्चिंग एक कृषि तकनीक है जिसमें खेत में लगे पौधों की जमीन को चारों तरफ से प्लास्टिक फिल्म द्वारा ढक दिया जाता है। यह प्लास्टिक फिल्म विभिन्न प्रकार और रंगों में उपलब्ध होती है। इसका उद्देश्य खेत की मिट्टी में नमी को बनाए रखना और खेत को खरपतवार तथा मिट्टी के कटाव से बचाना होता है।

प्लास्टिक मल्चिंग के फायदे

प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक से खेत में पानी की नमी बनी रहती है और वाष्पीकरण कम होता है। यह मिट्टी के कटाव को रोकता है और खरपतवारों के उगने से बचाता है। खासकर बागवानी में यह तकनीक खरपतवार नियंत्रण और पौधों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार साबित होती है। इससे भूमि कठोर नहीं होती और पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है।

सब्जियों की फसल में प्लास्टिक मल्चिंग कैसे करें?

सबसे पहले खेत की अच्छी जुताई करें। खेत में गोबर की खाद डालें और मिट्टी परीक्षण करवा कर सही मात्रा में खाद दें। इसके बाद खेत में क्यारियां बना लें। फिर ड्रिप सिंचाई पाइप लाइन बिछाएं। 25 से 30 माइक्रोन मोटी प्लास्टिक मल्च फिल्म को क्यारियों पर ठीक से बिछाएं और किनारों को मिट्टी से दबा दें। छिद्र बनाकर उसमें बीज या नर्सरी के तैयार पौधे लगाएं। इस प्रकार सब्जियों की खेती में प्लास्टिक मल्चिंग से पानी की बचत और फसल की वृद्धि होती है।

फलदार पौधों में प्लास्टिक मल्चिंग

फलदार पौधों के लिए पौधे की छाँव तक प्लास्टिक मल्चिंग की जाती है। पहले पौधे के नीचे उगी घास और खरपतवार को साफ करें। सिंचाई पाइप लाइन सेट करें। 100 माइक्रोन मोटी प्लास्टिक फिल्म मल्च को पौधे के तने के चारों ओर सावधानी से लगाएं और किनारों को मिट्टी से 6 से 8 इंच तक दबा दें। इससे पौधे की नमी बनी रहती है और खरपतवार नियंत्रण होता है।

प्लास्टिक मल्चिंग करते समय सावधानियां

  • प्लास्टिक फिल्म को सुबह या शाम के समय लगाएं।
  • फिल्म में अधिक तनाव न डालें।
  • फिल्म में छेद सावधानी से करें, सिंचाई नली का ध्यान रखें।
  • छेद समान रूप से करें और फिल्म को फटने से बचाएं।
  • दोनों साइड मिट्टी समान रूप से चढ़ाएं।
  • फिल्म को गोलाई में लगाएं।
  • उपयोग के बाद फिल्म को सुरक्षित रखें ताकि पुनः इस्तेमाल किया जा सके।

प्लास्टिक मल्चिंग की लागत कितनी होती है?

मल्चिंग की लागत खेत के क्यारियों के आकार और फसल के प्रकार पर निर्भर करती है। आमतौर पर प्रति बीघा लगभग 8,000 रुपये की लागत आती है। यदि मिट्टी चढ़ाने में यंत्र का प्रयोग किया जाए तो अतिरिक्त खर्चा हो सकता है।

प्लास्टिक मल्चिंग में सरकारी अनुदान

मध्यप्रदेश सरकार उन्नत कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए प्लास्टिक मल्चिंग पर 50% तक या अधिकतम 16,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान करती है। यह योजना ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर संचालित होती है। अनुदान के लिए किसान अपने जिले के विकास खंड में वरिष्ठ उधान विकास अधिकारी को आवेदन दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ग्राम सेवक से भी जानकारी ली जा सकती है।

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