MODI2.0

भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ निंदा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दुश्मन को उसके ही घर में घुसकर सबक सिखाता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पाकिस्तान की ओर से हो रहे आतंकी हमलों का जवाब जिस साहसिक और निर्णायक तरीके से दिया है, उसने दुनिया को यह दिखा दिया है कि भारत अब बदला लेने में नहीं, बल्कि हिसाब चुकता करने में विश्वास करता है। उरी की सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक और अब पहलगाम के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर — ये तीन मिशन पाकिस्तान को चेतावनी हैं कि आतंकवाद की कीमत चुकानी पड़ेगी।

उरी हमला और सर्जिकल स्ट्राइक – 2016

18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के कैंप पर भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 19 जवान शहीद हो गए। यह हमला पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा अंजाम दिया गया था। देशभर में इस हमले के बाद आक्रोश की लहर फैल गई थी। हालांकि भारतीय सेना ने तुरंत कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन भीतर ही भीतर एक बड़ी रणनीति पर काम चल रहा था। ठीक 11 दिन बाद, 29 सितंबर की रात भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में घुसकर 7 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक में दर्जनों आतंकी मारे गए और भारत बिना कोई नुकसान के वापस लौट आया। यह पहली बार था जब भारत ने दुनिया के सामने यह स्वीकार किया कि उसने सीमा पार जाकर आतंकियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की है। यह सिर्फ जवाब नहीं था, बल्कि पाकिस्तान के छद्म युद्ध को ललकारने का संदेश भी था।

पुलवामा हमला और एयर स्ट्राइक – 2019

भारत को अगला गहरा जख्म 14 फरवरी 2019 को मिला, जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया। इसमें 40 जवान शहीद हो गए। यह हमला स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार ने एक विस्फोटक कार की मदद से अंजाम दिया था। हमले की जांच में सामने आया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की साजिश रची थी, जिसे पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। इसके जवाब में, 26 फरवरी की सुबह भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से पाकिस्तान के बालाकोट इलाके में स्थित जैश के ट्रेनिंग कैंप पर बमबारी की। इस एयर स्ट्राइक में कई बम गिराए गए, जिससे आतंकी ठिकानों को भारी नुकसान हुआ। यह हमला पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में किया गया था, जो सीमा से काफी अंदर था।

इस एयर स्ट्राइक के अगले ही दिन पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर पाकिस्तान में गिर गया और उन्हें बंदी बना लिया गया। लेकिन भारत के दबाव और कूटनीतिक प्रयासों से पाकिस्तान को 48 घंटे के भीतर अभिनंदन को रिहा करना पड़ा। यह भारत की कूटनीति और सैन्य ताकत का बड़ा प्रमाण था।

पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर – 2025

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में एक बार फिर आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया। इस हमले के बाद देश में फिर से गुस्से की लहर दौड़ गई। सरकार और सेना ने इस हमले का ठोस जवाब देने की ठानी। 6 मई की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस कार्रवाई को नाम दिया गया – ऑपरेशन सिंदूर। बताया जा रहा है कि इस हमले में SCALP मिसाइल का उपयोग किया गया, जो अत्याधुनिक और उच्च सटीकता वाली मिसाइल है। इससे आतंकी ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस कार्रवाई को पूरी तरह से सेना ने अंजाम दिया और इससे जुड़े कई सैटेलाइट और रडार फुटेज सामने आए हैं।

भारत का बदला बदल चुकी है नीति

भारत ने सर्जिकल, एयर और अब मिसाइल स्ट्राइक के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि वह अब ‘बोलेगा नहीं, मारेगा’ नीति पर चल रहा है। पाकिस्तान को यह बार-बार समझाने की कोशिश की जा रही है कि यदि वह आतंकियों को अपनी धरती पर पनाह देता रहेगा तो भारत उसकी सीमा में घुसकर जवाब देगा। भारत ने हर बार अपनी कार्रवाई में यह सुनिश्चित किया कि आम नागरिकों या सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान न हो, सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया जाए।

वैश्विक संदेश और रणनीतिक बदलाव

इन तीनों हमलों में भारत ने केवल सैन्य ताकत का प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपना पक्ष मजबूती से रखा। भारत ने इन कार्रवाईयों की जानकारी सार्वजनिक की, दुनिया को बताया कि आतंकवाद के खिलाफ वह किस हद तक जा सकता है। इससे भारत की छवि एक जिम्मेदार लेकिन निर्णायक राष्ट्र के रूप में और मजबूत हुई है। अब भारत सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करता, वह अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमाएं पार करने से भी नहीं हिचकिचाता।

Tumblr        

Read More


Discover more from अपना रण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from अपना रण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading