AANAR

किसानों को मिलेगा वैश्विक बाज़ार से सीधा लाभ

भारत ने फलों के निर्यात के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से भेजी गई 14 टन ‘भगवा’ किस्म की उच्च गुणवत्ता वाली अनार की पहली वाणिज्यिक समुद्री खेप अमेरिका के न्यूयॉर्क में सफलतापूर्वक पहुंच गई है। इस पहल को भारतीय फलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अमेरिका पहुँचने के बाद इस खेप को “उत्कृष्ट गुणवत्ता” का दर्जा दिया गया और उपभोक्ताओं ने इसके स्वाद की भरपूर सराहना की।

हवाई मार्ग से अब समुद्री मार्ग की ओर बदलाव

अब तक ताजे फलों का निर्यात मुख्य रूप से हवाई मार्ग से होता रहा है, लेकिन लागत को कम करने और लॉजिस्टिक को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए समुद्री मार्ग अपनाया जा रहा है। समुद्र के रास्ते अनार को भेजने से परिवहन सस्ता हुआ और अधिक मात्रा में खेप भेजना संभव हुआ।

वैज्ञानिक परीक्षणों और सहयोग से मिली सफलता

2023 में अमेरिका द्वारा भारतीय अनार को बाज़ार में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद एपीडा ने USDA-APHIS, भारतीय राष्ट्रीय पादप संरक्षण संगठन (NPPO) और सोलापुर स्थित राष्ट्रीय अनार अनुसंधान केंद्र (NRCP) के साथ मिलकर परीक्षण खेप भेजी। अनार की ताजगी को बनाए रखने के लिए कई वैज्ञानिक परीक्षण किए गए, जिसके सकारात्मक परिणामों के बाद फरवरी 2024 में समुद्री मार्ग से परीक्षण खेप भेजी गई।

नियामकीय सहूलियतों ने खोला रास्ता

दिसंबर 2024 में अमेरिकी USDA द्वारा “पहले से ही अनापत्ति” कार्यक्रम को स्वीकृति देने से भारत के निर्यातकों को बड़ी राहत मिली। इस प्रक्रिया के तहत USDA निरीक्षकों को समय पर भारत बुलाकर प्रक्रिया को तेज़ किया गया। इस ऐतिहासिक खेप को एपीडा में पंजीकृत निर्यातक K B Exports ने भेजा था, और अनार सीधे किसानों के खेतों से लिए गए थे, जिससे किसानों को सीधा लाभ प्राप्त हुआ।

किसानों से उपभोक्ता तक – सबको मिला लाभ

APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने इसे सरकार की सक्रियता का परिणाम बताया और कहा कि यह शुरुआत भविष्य में भारतीय अनार के निर्यात को कई गुना बढ़ा सकती है। K B Exports के सीईओ कौशल खाखर ने भी कहा कि भारत ने अमेरिका जैसे बड़े बाजार में अपनी उच्च गुणवत्ता के फल प्रस्तुत कर एक मिसाल कायम की है।

निर्यात आँकड़ों में दर्ज की गई तेज़ी

2023-24 में भारत ने 72,011 मीट्रिक टन अनार का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत थी 69.08 मिलियन डॉलर

2024-25 (अप्रैल–जनवरी) के दौरान निर्यात में 21% की वृद्धि हुई और इसका मूल्य रहा 59.76 मिलियन डॉलर
🗺️ प्रमुख उत्पादक राज्य और निर्यात गंतव्य
महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख अनार उत्पादक राज्य हैं। भारत से निर्यात होने वाले अनार के गंतव्य देशों में अमेरिका के साथ-साथ UAE, बांग्लादेश, नेपाल, नीदरलैंड, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, बहरीन और ओमान शामिल हैं।

‘भगवा’ अनार: स्वास्थ्य, रंग और स्वाद का संगम

‘भगवा’ किस्म का अनार अपने गहरे लाल रंग, मिठास और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण दुनियाभर के उपभोक्ताओं में लोकप्रिय हो रहा है। यह किस्म विशेष रूप से एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर मानी जाती है।

भविष्य की योजनाएं और विस्तार की दिशा

APEDA ने पहले ही Export Promotion Forum (EPF) की स्थापना कर दी है, जो केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर निर्यात को और मज़बूती देगा। निर्यातकों और उद्योग संगठनों ने अनुरोध किया है कि अमेरिकी बाजार में व्यापक प्रचार किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को भारतीय अनार की गुणवत्ता, स्वाद और पाक उपयोगों की जानकारी दी जा सके।

निष्कर्ष

भारत की यह पहल कृषि निर्यात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार का प्रतीक है। समुद्री मार्ग से अनार भेजना एक सस्ता, टिकाऊ और किसान-हितैषी विकल्प साबित हो रहा है। यदि यह प्रवृत्ति ऐसे ही बनी रही, तो भारतीय अनार जल्द ही अमेरिकी खुदरा बाजारों में एक प्रमुख स्थान बना लेंगे और भारतीय किसानों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर सीधा लाभ।

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