Kitchen Garden: किचन गार्डन एक ऐसी व्यवस्था है, जिसे घर के आसपास या किसी छोटे स्थान पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसमें ताजी सब्जियां और फल उगाने का चलन बढ़ता जा रहा है क्योंकि इससे न केवल शुद्ध और जैविक उत्पाद मिलते हैं, बल्कि लागत भी कम होती है। ज्यादातर लोग अपने किचन गार्डन में ऐसी फसलें उगाते हैं, जो जल्दी विकसित होती हैं, जैसे धनिया, पुदीना, टमाटर आदि।
ताजा धनिया उगाने के लिए जरूरी तैयारी(Kitchen Garden)
अगर आप अपने किचन गार्डन में ताजा और सुगंधित धनिया उगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले मिट्टी की सही तैयारी करना जरूरी है। किसी चौड़े गमले या ग्रो बैग में मिट्टी भरें और उसमें लगभग 40% ऑर्गेनिक खाद मिलाएं। इसके साथ ही मिट्टी में गोबर खाद और कोकोपीट भी मिलाना फायदेमंद रहेगा, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और बीज अच्छे से अंकुरित होंगे।
धनिया के बीज बोने का सही तरीका
जब मिट्टी अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो उसमें धनिया के बीज समान रूप से फैलाएं और हल्का सा दबा दें। इसके बाद बीजों पर हल्का पानी छिड़कें। बीज जल्दी अंकुरित होने के लिए जरूरी है कि मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन पानी ज्यादा न हो, वरना बीज सड़ सकते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें
🔹धनिया के पौधे को नियमित रूप से हल्का पानी देते रहें, ताकि मिट्टी में उचित नमी बनी रहे।
🔹पौधों को प्रतिदिन 4 से 5 घंटे धूप में रखें, जिससे उनकी ग्रोथ बेहतर हो।
जब धनिया की पत्तियां बढ़ने लगें, तो उन्हें नियमित रूप से काटते रहें, इससे नए पत्ते जल्दी उगेंगे और पौधा लंबे समय तक हरा-भरा बना रहेगा।
किचन गार्डन में धनिया उगाना न केवल आसान है, बल्कि इससे आपको ताजा और जैविक धनिया भी मिल सकता है। सही मिट्टी, पर्याप्त पानी और धूप के साथ यह पौधा जल्दी तैयार हो जाता है। यदि आप इसे सही तरीके से उगाते हैं, तो पूरे साल अपने किचन गार्डन से ताजा धनिया प्राप्त कर सकते हैं।
Read More
- Kheti Wala: मार्च में कम लागत में करें इन 3 सब्जियों की खेती, पाएं ज्यादा मुनाफा
- Vanaspati Oil Import: भारत में फरवरी 2025 में मात्र 8.99 लाख टन वनस्पति तेल हुआ आयात
- Kisan ki Baat: 31 मई तक बढ़ा पीली मटर का ड्यूटी-फ्री आयात, मसूर दाल पर 11% आयात शुल्क
- Mango ki Baat: मधुआ कीट के प्रभाव से बचाएं आम के बौर, जाने उपाय
- Yaadon ke panno Se: जब कांशीराम 1989 हार गए थे चुनाव तो कैसे मायावती ने अटल से लिया था
- Bhopal Gas Tragedy 1984: लाखों लोगों के जिंदगी की अंतहीन त्रासदी और पेस्टीसाइड फैक्ट्री
- संपादन का अर्थ, उद्देश्य, महत्व और संपादन में पुनर्लेखन
Discover more from अपना रण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

