आज के इस पोस्ट में बताने जा रहे हैं की हमें भूख क्यों लगती हैं| हम खाने के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं, जब हमें भूख का एहसास होता हैं| तो हमें खाने कि ज़रूरत महसूस होती हैं क्योंकि शरीर को उचित पोषण चाहिए होता है ऐसे में हमें भूख की अनुभूति होने लगती है| पर आखिर ऐसा होता क्यों है जानते हैं…
दरअसल हमारी मस्तिष्क में स्थित हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) के दो केंद्र होते हैं| पहला केंद्र भूख लगने पर थायरोत्रोपिन (Thyrotropin) और एड्रेनालाईन है जो हार्मोन रिलीज करता है| जिससे हमें कुछ खाने का मन करता है और दूसरा केंद्र भूख शांत होने के बाद हमें ये बताता है कि हमारा पेट भर गया है और शांत हो जाने का संकेत देता है|
ये दोनों केंद्र को सम्मिलित रुप से कार्य करते हैं, इसके अतिरिक्त हार्मोन भी भूख लगने और आवश्यकता पूरी हो जाने के चक्र को नियंत्रित करते हैं यानी आपका मस्तिष्क भूख पैदा करता है न कि हमारा पेट| यहीं कारण हैं कि हमें भूख लगती है।
हमें हिचकी क्यों आती हैं
आज हम इस पोस्ट में बताने जा रहे हैं की हमें हिचकी क्यों आती हैं |तो अक्सर आप देखे होंगे कि अगर आप ज्यादा तीखा या जल्दी से खाना खाते हैं तो, हिचकी की परेशानी हो जाती है| हम आपको बता दें की, हमारे छाती (Chest)और पेट के बीच डायफ्राम ( Diaphragm) एक मासपेशी होती है| जो हमारे फेफडों (Lungs)में हवा भरने का कार्य करती हैं| लेकिन जब हम कोई भी चीज ज्यादा तीखा खा लेते हैं या तेज़ी से हंसते हैं तो डायफ्रम को नियंत्रण करने वाली नसों में कुछ हलचल सी हो जाती है जिससे हमारी फेफड़ों में तेजी से हवा अंदर आ जाती है| जिस कारण से हिचकी की परेशानी उत्पन्न हो जाते हैं यह एक आम बात है यह किसी भी आदमी को हो सकता हैं यही कारण है हमें हिचकी आती हैं|
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