JOURNALISM

ग्रामीण विकास….. ग्रामीण विकास में लोगों का बढ़ी हुई भागीदारी, योजनाओं का विकेन्द्रीकरण, भूमि सुधारों को बेहतर तरीके से लागू करना और ऋण की आसान उपलब्धि करवाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का लक्ष्य होता है। प्रारंभ में, विकास के लिए मुख्य जोर कृषि, उद्योग, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और संबंधित क्षेत्रों पर दिया गया था।

क्षेत्रीय पत्रकारितानिखिल वागले ने क्षेत्रीय पत्रकारिता का भारतीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण स्थान बताया है इनका कहना है कि रीजनल भाषा के पत्रकार स्थानीय भाषा में न्यूज़ मुहैया कराते हैं जिससे स्थानीय लोग आसानी से उसे समझ सकते हैं। इन्होंने ये भी बताया कि क्षेत्रीय पत्रकारों का सरकार से सवाल पूछने से विरोधा भास बना रहता है और कई बार पत्रकारों को इसका सामना भी करना पड़ता है।पर पत्रकार की गरिमा बचाये रखने में क्षेत्रीय पत्रकारिता का अहम योगदान है।जिसने इसकी आत्मा को बचा कर रखा है।

मुख्यधारा बनाम क्षेत्रीय पत्रकारिता


मुख्यधारा की पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय और राजधानी की खबरों को महत्व दिया जाता है।

जब किसी क्षेत्र की समस्या अधिक गम्भीर हो जाती है तब वह राष्ट्रीय धारा की पत्रकारिता में जगह पाती है।

मुख्यधारा की पत्रकारिता मुख्य रूप से राजधानी से निकलते हैं

क्षेत्रीय पत्रकारिता

क्षेत्रीय पत्रकारिता प्रत्येक क्षेत्र के विकास में महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है। क्षेत्र विशेष की खबरे पत्रकारिता में महत्वपूर्ण होती हैं। हेल्थ, एजुकेशन, रोजगार , कृषि समस्याएं और कई जटिल मुद्दे भी सामने आते हैं।

क्षेत्रीय पत्रकारिता अर्थात क्षेत्र विशेष चैनल, अखबार, तेज निगाहें, करंट क्राइम आदि से संबंधित है।

क्षेत्रीय पत्रकारिता , विकास धर्मी पत्रकारिता भी कह सकते हैं।

क्षेत्रीय पत्रकारिता की खबरे देते हुए यह ध्यान रखना चहिये की खबरों को देने का तरीका ग्रामीण लोगों के अनुकूल हो। साथ ही तथ्यात्मक आंकड़े अगर जरूरी हो तो इस प्रकार से करना चाहिए कि आदमी उसमे रुचि ले न कि पढ़ते हुए बोर हो जाए।इसके साथ ही उनमें जिज्ञासा उत्पन्न करने वाले लेख भी प्रकाशित भो ताकि लोग उसमे भागीदारी लेकर अपने को दूसरे से जोड़ सके। इसके साथ ही क्षेत्रीय पत्रकारिता में श्रोताओं की भागीदारी वाले कार्यक्रम भी निर्धारित करने चाहिए ताकि लाभान्वित वर्ग अपनी कहानी खुद बताए जिससे श्रोताओ पर अधिक प्रभाव पड़े।

क्षेत्रीय पत्रकारिता के विविध रुचि

1)खोजी पत्रकारिता 2) खेल पत्रकारिता 3) महिला संबंधी पत्रकारिता 4) बाल पत्रकारिता 5)आर्थिक पत्रकारिता 6) स्वास्थ्य पत्रकारिता

ग्रामीण विकास के निर्धारक तत्व

1) पूंजी-व्यक्तिगत बचत,पूंजी निवेश

2) तकनीक उत्पादन में परिवर्तन

3)मानव संसाधन-विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करना

4)प्राकृतिक संसाधन- प्रकृत से प्राप्त उत्पादन

5) संस्थाएं व संगठन

ग्रामीण पत्रकारिता के कार्य एवं उद्देश्य

1) आर्थिक कल्याण 2) सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कल्याण

ग्रामीण विकास कार्यक्रम

1) साम्य एवम विकास उन्मुख कार्यक्रम

2) गरीबी एवम बेरोजगारी कार्यक्रम

3) प्राकृतिक संसाधन एवं अधोसंरचना कार्यक्रम

ग्रामीण विकास की वर्तमान योजनाओं जैसे ग्रामीण युवा रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना ,उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, सुनिश्चित व्यापार योजना, शहरी गरीबी उन्मूलन, मेक इन इंडिया आदि का ग्रामीण पत्रकारिता द्वारा लोगों तक सूचना पहुँचा कर एक नया आयाम देने का प्रयास करना।

ग्रामीण विकास में NGO की भूमिका

NGO एक गैर सरकारी संस्था है जिसमे समाज के लिए कुछ नया करने का जज्बा होता है। ये अपने माध्यम से विकास के अलग अलग क्षेत्रों में योगदान देते हैं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबी उन्मूलन आदि। इन संस्थाओं का मुख्य कार्य लोगों को जागरूक कर उनकी मदद करना। इन्हें एक प्रकार से सरकार और जनता के बीच का पुल कहा जा सकता है।

NGO का उद्देश्य सेवा एवं विकास का होता है जिसमें-

समाज कल्याण में सरकार की मदद, स्वेच्छा से कार्य करने में अग्रसर , लोकतांत्रिक ढंग को सर्वोपरि मानना, अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, और स्वास्थ्य स्तर पर कार्य करने जैसे मुद्दे शामिल होते हैं।

ये समूह(NGO) समाज को अच्छे से जानते समझते हैं और इसलिए इनका प्रभावशाली ढंग से काम कर पाना और सरल हो जाता है वहीं कार्यप्रणाली में लचीला पन होने से लोग इससे आसानी से जुड़ जाते हैं

Please use material only for education purpose………

READ MORE


Discover more from अपना रण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By Admin

Optimized by Optimole

Discover more from अपना रण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading