कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की रिपोर्ट
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 20 जून 2025 तक खरीफ फसलों के अंतर्गत क्षेत्रीय कवरेज की स्थिति जारी की है। इस रिपोर्ट में वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में अब तक की बुवाई के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।
धान की बुवाई में उल्लेखनीय वृद्धि
धान की सामान्य बुवाई का क्षेत्रफल 403.09 लाख हेक्टेयर है। 2025 में अब तक 13.22 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हो चुकी है, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 8.37 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार इस वर्ष 4.86 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है।
दालों की खेती में प्रगति
दालों के अंतर्गत कुल सामान्य क्षेत्रफल 129.61 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष अब तक 9.44 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष के 6.63 लाख हेक्टेयर की तुलना में 2.80 लाख हेक्टेयर अधिक है।
- अरहर: 2.48 लाख हेक्टेयर (2024 में 2.61), गिरावट -0.13 लाख हेक्टेयर
- उड़द: 1.39 लाख हेक्टेयर (2024 में 0.62), वृद्धि +0.77 लाख हेक्टेयर
- मूंग: 4.43 लाख हेक्टेयर (2024 में 2.67), वृद्धि +1.77 लाख हेक्टेयर
- कुल्थी, मौठ, एवं अन्य दालें में भी सकारात्मक वृद्धि देखी गई।
श्री अन्न (मोटे अनाज) की बुवाई में सुधार
मोटे अनाजों का कुल सामान्य क्षेत्र 180.71 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से 2025 में अब तक 18.03 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है। यह 2024 के 14.77 लाख हेक्टेयर से 3.25 लाख हेक्टेयर अधिक है।
- ज्वार: 1.51 लाख हेक्टेयर (वृद्धि +0.61)
- बाजरा: 3.70 लाख हेक्टेयर (वृद्धि +1.00)
- रागी एवं स्मॉल मिलेट्स में थोड़ी गिरावट
- मक्का: 12.32 लाख हेक्टेयर (वृद्धि +2.01)
तेलहन फसलों में मामूली गिरावट
तेलहनों का सामान्य क्षेत्र 194.63 लाख हेक्टेयर है। इस बार अब तक 5.38 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो 2024 के 5.49 लाख हेक्टेयर से 0.11 लाख हेक्टेयर कम है।
- मूंगफली: -0.13 लाख हेक्टेयर
- सोयाबीन: -0.05 लाख हेक्टेयर
- तिल, सूरजमुखी और अन्य तेलहन में वृद्धि देखी गई है।
गन्ना, जूट एवं कपास की स्थिति
- गन्ना: बुवाई में वृद्धि, 55.07 लाख हेक्टेयर (2024 में 54.88)
- जूट एवं मेस्ता: गिरावट, 5.46 लाख हेक्टेयर (2024 में 5.62)
- कपास: उल्लेखनीय वृद्धि, 31.25 लाख हेक्टेयर (2024 में 29.12), यानी 2.14 लाख हेक्टेयर की वृद्धि।
कुल बुवाई क्षेत्र में सकारात्मक वृद्धि
सभी फसलों को मिलाकर 2025 में अब तक कुल 137.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, जो कि पिछले वर्ष 124.88 लाख हेक्टेयर से 12.97 लाख हेक्टेयर अधिक है।
निष्कर्ष
2025 में खरीफ फसलों की बुवाई में समग्र रूप से सकारात्मक रुझान दिखा है, विशेषकर धान, दालें, मोटे अनाज और कपास की बुवाई में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत दिशा में आगे बढ़ रही है।
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