Gallantry Awards

Gallantry Awards: भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में वीर सैनिकों और बहादुर पुलिसकर्मियों को उनके अद्भुत साहस और वीरता के लिए सम्मानित किया। वीरता पुरस्कार समारोह में छह सैनिकों और पुलिसकर्मियों को कीर्ति चक्र और 33 को शौर्य चक्र प्रदान किए गए। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन पुरस्कारों का महत्व क्या है, इनमें अंतर क्या होता है, इनका चयन कैसे होता है और किस प्रकार ये वीरता पुरस्कार अस्तित्व में आए।

Gallantry Awards: की शुरुआत

भारत में वीरता पुरस्कारों की शुरुआत देश की स्वतंत्रता के बाद हुई। देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में अदम्य साहस का परिचय देने वाले वीरों को सम्मानित करने के लिए भारत सरकार ने विभिन्न पुरस्कारों की स्थापना की। इन पुरस्कारों को युद्धकालीन और शांतिकालीन पुरस्कारों में वर्गीकृत किया गया है।

Gallantry Awards: युद्धकालीन वीरता पुरस्कार

युद्धकाल में प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र हैं। इनकी स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई, हालांकि परमवीर चक्र 15 अगस्त 1947 से ही प्रभावी माना गया। परमवीर चक्र सर्वोच्च है, उसके बाद महावीर चक्र और फिर वीर चक्र आता है।

Gallantry Awards: शांतिकालीन वीरता पुरस्कार

शांति काल के दौरान प्रदान किए जाने वाले पुरस्कार हैं अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र। इनकी शुरुआत 4 जनवरी 1952 को हुई थी। तब इन पुरस्कारों के नाम क्रमशः अशोक चक्र श्रेणी-I, II और III थे। वर्ष 1967 में इनके नाम बदलकर अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र रखे गए।

Gallantry Awards: कीर्ति चक्र क्या है?

कीर्ति चक्र शांतिकाल का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। इसे असाधारण साहस और वीरता के लिए दिया जाता है, जो शत्रु का सामना किए बिना भी वीरता का परिचय देता है। यह पदक मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है।

Gallantry Awards: कीर्ति चक्र की संरचना

कीर्ति चक्र एक गोलाकार पदक है, जो स्टैंडर्ड चांदी से बना होता है। इसका व्यास लगभग 1.375 इंच होता है। पदक के सामने के हिस्से में अशोक चक्र बना होता है, जिसके चारों तरफ कमल के फूलों की बेल है। पदक के पीछे हिन्दी और अंग्रेजी में ‘कीर्ति चक्र’ लिखा रहता है, जिसके मध्य में दो कमल के फूल बने होते हैं।

इस पदक के फीते का रंग हरा होता है, जिस पर नारंगी रंग की दो लंबवत रेखाएं बनी होती हैं। ये रेखाएं फीते को तीन समान भागों में विभाजित करती हैं।

बार-बार पुरस्कार मिलने पर बार

यदि कोई व्यक्ति बार-बार कीर्ति चक्र हासिल करता है, तो उसके फीते पर एक ‘बार’ लगाया जाता है। प्रत्येक बार पुरस्कार मिलने पर फीते में एक अतिरिक्त बार जुड़ता है।

Gallantry Awards: शौर्य चक्र क्या है?

शौर्य चक्र कीर्ति चक्र के साथ ही आरंभ हुआ था और यह शांतिकाल का तीसरा सर्वोच्च सम्मान है। इस पदक को भी वीरता के असाधारण कार्यों के लिए दिया जाता है, जिसमें सीधे तौर पर शत्रु से लड़ाई शामिल नहीं होती। यह पदक भी मरणोपरांत प्रदान किया जा सकता है।

शौर्य चक्र की संरचना

शौर्य चक्र भी गोलाकार होता है और कांसे का बना होता है। इसका व्यास भी कीर्ति चक्र की तरह 1.375 इंच होता है। इसके सामने भी अशोक चक्र बना रहता है और चारों ओर कमल के फूल की बेल होती है। पीछे की तरफ हिंदी और अंग्रेजी में ‘शौर्य चक्र’ अंकित रहता है। फीता हरा होता है और इसमें नारंगी रंग की तीन लंबवत रेखाएं होती हैं, जो इसे चार समान भागों में बांटती हैं।

Gallantry Awards: बार-बार पुरस्कार मिलने पर नियम

शौर्य चक्र को बार-बार प्राप्त करने पर भी कीर्ति चक्र जैसी प्रक्रिया का पालन होता है। फीते पर प्रत्येक बार पुरस्कार मिलने पर एक अतिरिक्त बार लगाया जाता है।

Gallantry Awards: कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र में क्या है अंतर?

  • कीर्ति चक्र चांदी से बना होता है जबकि शौर्य चक्र कांसे से बना होता है।
  • कीर्ति चक्र शांतिकाल का दूसरा सर्वोच्च सम्मान है, जबकि शौर्य चक्र तीसरा सर्वोच्च सम्मान है।
  • कीर्ति चक्र का फीता हरा होता है, जिस पर दो नारंगी रेखाएं होती हैं, जबकि शौर्य चक्र के फीते पर तीन नारंगी रेखाएं होती हैं।
  • मासिक आर्थिक सहायता भी दोनों पुरस्कारों में भिन्न होती है; कीर्ति चक्र विजेता को प्रति माह 2100 रुपये और शौर्य चक्र विजेता को प्रति माह 1500 रुपये मिलते हैं।

Gallantry Awards चयन प्रक्रिया

वीरता पुरस्कारों का चयन एक सख्त प्रक्रिया के तहत किया जाता है। संबंधित सशस्त्र बल, पुलिस बल या नागरिक विभाग वीरता के लिए नामांकन रक्षा मंत्रालय को भेजता है। रक्षा मंत्रालय की एक विशेषज्ञ समिति, केंद्रीय सम्मान एवं पुरस्कार समिति, इन नामों पर चर्चा कर अंतिम सूची तैयार करती है। इसके बाद राष्ट्रपति की अनुमति से पुरस्कारों की घोषणा होती है।

Gallantry Awards: कौन हो सकता है सम्मानित?

थल सेना, वायु सेना, नौसेना, प्रादेशिक सेना, सशस्त्र पुलिस बल, केंद्रीय अर्धसैनिक बल और रेलवे सुरक्षा बल सहित सभी सैन्य और अर्धसैनिक बलों के सैनिक, अधिकारी और कर्मचारी इन पुरस्कारों के योग्य होते हैं। इसके अतिरिक्त नागरिक भी असाधारण साहस प्रदर्शित करने पर सम्मानित किए जा सकते हैं।

इस प्रकार भारत सरकार द्वारा वीरता पुरस्कारों के माध्यम से वीर सैनिकों और नागरिकों के साहस और समर्पण को मान्यता प्रदान की जाती है।

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