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अब चिकन खरीदने से पहले आप जान सकेंगे कि वो मुर्गी किस फार्म से आई है, क्या खाया है, बीमार तो नहीं रही और कितनी सुरक्षित है। जी हां, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना (Bihar Animal Sciences University – BASU) और आहार सेतु प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर एक खास ऐप विकसित किया है जिसका नाम है ‘आहार सेतु’ (Aahar Setu App)।

कैसे काम करता है ऐप?

‘आहार सेतु’ ऐप ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) पर आधारित है, जिससे उपभोक्ताओं को मुर्गियों की संपूर्ण ट्रेसबिलिटी (Traceability) यानी पूरी हिस्ट्री मिल सकेगी। बस एक बार मुर्गी के गले में लगे बारकोड को स्कैन करें और पाएं उसके खानपान, ब्रीड, स्वास्थ्य, पोल्ट्री फार्म, टीकाकरण और देखभाल से जुड़ी पूरी जानकारी।

ऐप के मुख्य फीचर्स और फायदे

मुर्गी की कुंडली अब मोबाइल में: ऐप के जरिए आप जान पाएंगे कि मुर्गी कहां पली-बढ़ी, उसे क्या खिलाया गया, क्या वह किसी बीमारी से ग्रसित रही, या क्या उसे किसी रासायनिक तरीके से तैयार किया गया है।

पोल्ट्री फार्म से उपभोक्ता तक पूरी

पारदर्शिता: ऐप हर स्टेज की ट्रैकिंग करता है – उत्पादन, भंडारण, ट्रांसपोर्टेशन, और उपभोग तक।

जियो टैगिंग (Geo-tagging): ऐप में लोकेशन टैगिंग की सुविधा है जिससे यह पता चलता है कि मुर्गी किस क्षेत्र के फार्म से आई है।

बिचौलियों से छुटकारा: किसान और उपभोक्ता के बीच सीधे संपर्क से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पाद की कीमत व गुणवत्ता दोनों बेहतर होंगी।

डेटा एनालिटिक्स: ऐप लॉजिस्टिक्स, बाजार के ट्रेंड, और उत्पाद की गुणवत्ता से जुड़ा डेटा जनरेट करेगा, जिससे किसान बेहतर निर्णय ले सकेंगे।

स्वास्थ्य सुरक्षा में भी मददगार

आज के वर्तमान समय में कई बीमारियां पशुओं से इंसानों में ट्रांसफर हो रही हैं, जिसके संदर्भ में समाचार आते रहते हैं। ऐसे में यह ऐप लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त चिकन खरीदने का भरोसा देगा। ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए खाद्य सुरक्षा (Food Safety) को एक नया स्तर मिलेगा।

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