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गर्मी के मौसम में जब रबी और खरीफ फसलों के बीच का समय होता है, तब अक्सर किसान अपने खेत खाली छोड़ देते हैं। लेकिन अब इस खाली समय का इस्तेमाल करके किसान गरम फसलों (Summer Crops) की खेती कर सकते हैं और अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। खास बात यह है कि सरकार किसानों को इन फसलों के बीज पर 80% तक की सब्सिडी दे रही है, जिससे बेहद कम लागत में खेती करना संभव हो सकेगा।

किन फसलों पर मिल रही है सब्सिडी?

सरकार द्वारा जिन गरम फसलों के बीजों पर सब्सिडी दी जा रही है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

🔹मूंग

🔹तिल (Sesame)

🔹मक्का (Maize)

🔹सूर्यमुखी (Sunflower)

इन सभी फसलों की खेती अप्रैल से जून के बीच की जाती है और यह 3 महीनों में तैयार हो जाती हैं। इसलिए किसान खेत को बिना खाली छोड़े इस अवधि का भरपूर फायदा उठा सकते हैं।

किसे मिलेगा लाभ और कितना?

इस योजना के तहत किसानों को केवल 20% खर्च करना होगा, बाकी 80% खर्च सरकार वहन करेगी। बिहार के वैशाली जिला कृषि विभाग ने साल 2025 के लिए 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में गरम फसलों की खेती का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए राज्य बीज निगम की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। किसान अधिकतम 5 एकड़ तक की भूमि पर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

कैसे करें आवेदन?

1. सबसे पहले किसान को बिहार राज्य बीज निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

2. वहां पर गरम फसल बीज सब्सिडी योजना से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।

3. अपनी जानकारी भरें, ज़मीन से जुड़े दस्तावेज और आधार कार्ड जैसे जरूरी डॉक्युमेंट अपलोड करें।

4. फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।

निष्कर्ष

गर्मी के मौसम में भी अब किसान खाली खेत छोड़ने के बजाय कम लागत में मूंग, तिल, मक्का और सूर्यमुखी जैसी फसलों को उगाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। राज्य सरकार की 80% सब्सिडी योजना इस दिशा में एक कारगर कदम है, जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। अगर आप बिहार के किसान हैं तो यह मौका जरूर अपनाएं और गर्मी के मौसम को भी आर्थिक फायदे का सीजन बना दें।

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