राजस्थान के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब जंगली जानवरों या अन्य कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए राज्य सरकार तारबंदी योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। उद्योग मंत्री श्री के.के. बिश्नोई ने विधानसभा में घोषणा की कि इस वर्ष 75,000 किसानों को तारबंदी के लिए ₹324 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा।
तारबंदी योजना से फसल को मिलेगा सुरक्षा घेरा
खेती के दौरान फसल को जानवरों से बचाना एक बड़ी चुनौती होती है। खासकर रात के समय में जंगली जानवर खेत में घुसकर भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में फेंसिंग (Taarbandi) एक असरदार तरीका है, लेकिन यह किसानों के लिए महंगा सौदा होता है। इसलिए राज्य सरकार सब्सिडी देकर किसानों को यह सुविधा सुलभ करा रही है।
योजना के तहत क्या मिलेगा?
🔹75,000 किसान होंगे लाभान्वित
🔹कुल 30,000 किलोमीटर तारबंदी का लक्ष्य
🔹योजना पर कुल खर्च ₹324 करोड़
🔹प्रत्येक किसान को 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी के लिए अनुदान
🔹लघु एवं सीमांत किसान को 60% सब्सिडी
🔹सामान्य किसान को 50% सब्सिडी
🔹सामूहिक आवेदन (10 या उससे अधिक किसानों का समूह) करने पर 70% तक सब्सिडी
पात्रता में किया गया बदलाव
पहले योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 5 हेक्टेयर जमीन होना आवश्यक था। लेकिन अब सरकार ने यह सीमा घटाकर 2.5 हेक्टेयर कर दी है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को भी योजना का सीधा लाभ मिल सकेगा। साथ ही यदि किसान सामूहिक रूप से आवेदन करते हैं, तो 2.5 हेक्टेयर ज़मीन भी योजना के लिए पर्याप्त मानी जाएगी।
बीते साल 50 हजार किसानों को मिला था लाभ
पिछले वर्ष भी यह योजना सफल रही थी, जब 50,000 किसानों ने इसका लाभ लिया था। इस बार सरकार ने इस संख्या को और बढ़ाते हुए 75,000 किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
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