Poultry Farming: पोल्ट्री फार्मिंग (Poultry Farming) आज के समय में एक लाभदायक व्यवसाय बन चुका है। अगर इसे सही तरीके से और वैज्ञानिक विधियों (Scientific Methods) के अनुसार संचालित किया जाए, तो यह अधिक मुनाफा दिला सकता है। पोल्ट्री फार्मिंग का मुख्य उद्देश्य अंडों (Eggs) और चिकन (Chicken) के उत्पादन से अधिक से अधिक आय अर्जित करना होता है। लेकिन इसके लिए चूजों से लेकर मुर्गियों तक की सही देखभाल बेहद जरूरी होती है।
पोल्ट्री एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, अगर पोल्ट्री फार्म में बायो-सिक्योरिटी (Bio-Security) का सही से पालन किया जाए और चूजों की देखभाल वैज्ञानिक तरीके से की जाए, तो फार्म की लागत को कम किया जा सकता है और मुनाफा अधिक बढ़ सकता है।
पोल्ट्री फार्मिंग(Poultry Farming) में सबसे ज्यादा खर्च किन चीजों पर आता है?
पोल्ट्री फार्मिंग में सबसे ज्यादा खर्च फीड (Feed) यानी दाना और दवाइयों (Medicines) पर आता है। यदि पोल्ट्री फार्म का सही ढंग से रखरखाव किया जाए, तो दवाइयों की जरूरत कम होगी और मुर्गियां अधिक स्वस्थ (Healthy) रहेंगी। इससे फीड की लागत भी कम हो सकती है और उत्पादन में वृद्धि होगी।
चूजों की देखभाल के लिए अपनाएं ये ज़रूरी उपाय
चूजों की सही देखभाल के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का पालन करना चाहिए, जिससे उनकी ग्रोथ बेहतर हो और बीमारियों से बचाव हो सके।
1. फार्म को साफ और कीटाणु मुक्त बनाएं
🔹 पोल्ट्री फार्म में चूजे लाने से पहले कीटाणुनाशक दवाओं (Disinfectants) का छिड़काव करना जरूरी है।
🔹 चूजों की एंट्री से पहले फार्म की दीवारों पर एंटीसेप्टिक स्प्रे करें।
🔹 फार्म में चूजों को लाने से 12 घंटे पहले ब्रूडर (Brooder) की मदद से गर्मी पैदा करें।
🔹 गर्मी बनाए रखने के लिए लालटेन या बिजली के बल्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. ब्रूडर और चिक गार्ड का सही इस्तेमाल करें
🔹चूजों के आने के बाद ब्रूडर के चारों ओर चिक गार्ड लगा दें, जिससे वे सुरक्षित रहें।
🔹8-10 दिन के बाद चिक गार्ड हटा देना चाहिए, जिससे चूजे आसानी से घूम सकें और उनकी ग्रोथ अच्छी हो।
🔹यदि चूजे एक जगह जमा हो रहे हैं, तो समझें कि ब्रूडर में गर्मी कम है, इसे तुरंत बढ़ाएं।
🔹अगर चूजे अलग-अलग जगह बिखरे हुए हैं, तो समझें कि ब्रूडर में गर्मी अधिक है, इसे संतुलित करें।
चूजों की सही डाइट और फीडिंग मेथड
चूजों के सही विकास और अच्छे उत्पादन के लिए उनका खानपान (Feeding) बहुत महत्वपूर्ण होता है।
1. सही फीडिंग प्रैक्टिस अपनाएं
🔹चूजों को रखने के बाद सबसे पहले बारीक दलिया (Fine Grains) कागज पर बिछाकर खिलाएं।
🔹15 दिन की उम्र होने पर चूजों को छोटी ग्रिट (Small Grits) खिलानी चाहिए।
🔹मुर्गियों को हमेशा ताजा, शुद्ध और संतुलित आहार (Balanced Diet) देना चाहिए।
🔹उम्र के अनुसार स्टार्टर फीड (Starter Feed) और ग्रोअर फीड (Grower Feed) दें।
🔹मिनरल्स (Minerals) और विटामिन्स (Vitamins) की आवश्यकतानुसार फीड में मिलाएं।
2. फीड को स्टोर करते समय सावधानी बरतें
🔹दाना हमेशा सूखी जगह पर रखें, क्योंकि नमी (Moisture) से उसमें फफूंद लग सकती है।
🔹फफूंद युक्त फीड खाने से मुर्गियों को कई बीमारियां हो सकती हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा।
🔹दाने को लंबे समय तक स्टोर करने से बचें, हमेशा ताजा फीड का उपयोग करें।
मुर्गी बनने तक चूजे की ग्रोथ पर ध्यान दें
🔹एक चूजे को पूरी तरह से मुर्गी बनने के लिए लगभग 13 किलो फीड की आवश्यकता होती है।
🔹एक मुर्गी प्रतिदिन लगभग 100-120 ग्राम फीड खाती है।
वहीं अगर सही खानपान और देखभाल की जाए, तो मुर्गी जल्दी तैयार हो सकती है और उत्पादन अधिक हो सकता है।
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