EGO: अहंकार की वजह से हमारा मान-सम्मान लोगों के बीच कम हो जाता है। लोग हमें छोटा या गलत कहने लगते हैं। इसे समझने के लिए इस पोस्ट को पढ़ते हैं।
EGO आने पर घटता है स्वयं का सम्मान
एक प्रचलित लोक कथा के अनुसार गौतम बुद्ध किसी राज्य से होकर गुजर रहे थे। जब ये बात वहां के मंत्री को मालूम हुई तो उसने अपने राजा से कहा कि महाराज हमें बुद्ध को लेने के लिए चलना चाहिए, उन्हें महल में आमंत्रित करना चाहिए। ये सुनकर राजा ने कहा कि मैं इस राज्य का राजा हूं और वे एक भिक्षु है।
एक साधारण भिक्षु के सामने मेरा ऐसे झुकना सही नहीं है। अगर बुद्ध को यहां आना होगा तो वे स्वयं आ जाएंगे, मैं उन्हें लेने नहीं जा सकता।
राजा की ये बातें सुनकर मंत्री समझ गया कि राजा अहंकारी हो गए हैं। मंत्री ने कहा राजन मैं आपके जैसे छोटे इंसान के साथ काम नहीं कर सकता।
मंत्री की बात सुनकर राजा हैरान हो गया, वह बोला कि तुम ये क्या बोल रहे हो? मैं राजा हूं, मेरे पास अपार धन-संपत्ति है, मैं छोटा कैसे हो गया? मंत्री ने कहा कि राजन बुद्ध भी राजकुमार ही थे, उनके पास भी अपार धन-संपदा थी, लेकिन उन्होंने सब कुछ त्याग दिया और उन्होंने भिक्षु का जीवन अपना लिया। इसीलिए वे आपसे ज्यादा श्रेष्ठ हैं। मंत्री के ऐसा कहने पर राजा को अपनी गलती का अहसास हुआ और वह मंत्री के साथ महात्मा बुद्ध को आमंत्रित करने चल दिए।
इस कथा से हमनें क्या सीखा
इस कथा की सीख यह है कि किसी व्यक्ति के लिए अहंकार पतन का कारण बन सकता है। अहंकारी व्यक्ति को कहीं भी मान-सम्मान नहीं मिलता है। इसीलिए इस बुराई से बचना चाहिए।
READ MORE
- Bad Habits: बुरी आदतें सत्संग से नहीं अपितु संकल्प से दूर होती हैं
- Mind Calm: मन शांत रखने के लिए क्रोध और लालच से रहें दूर
- Money: दूसरे के धन पर नजर रखने वाला व्यक्ति हमेशा दुखी
- Mahabharat: भीष्म ने युधिष्ठिर को एक अच्छे लीडर के लिए ये 5 गुण बताएं हैं
- Mahabharat: श्रीकृष्ण के स्वभाव से आप गुस्से पर काबू पा सकते हैं
- संपादकीय विभाग का ढाँचा
- संपादन का अर्थ, उद्देश्य, महत्व और संपादन में पुनर्लेखन
Discover more from अपना रण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

