2025 में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुआई में उल्लेखनीय वृद्धि
कृषि मंत्रालय द्वारा 2 जून 2025 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 30 मई 2025 तक भारत में ग्रीष्मकालीन फसलों की कुल बुआई क्षेत्र 83.93 लाख हेक्टेयर रही, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 9.21 लाख हेक्टेयर अधिक है। यह आंकड़ा देश में फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
1. चावल (धान) क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि
- सामान्य क्षेत्रफल: 30.80 लाख हेक्टेयर
- 2025 में बुआई क्षेत्र: 35.86 लाख हेक्टेयर
- 2024 में बुआई क्षेत्र: 31.06 लाख हेक्टेयर
- वृद्धि: 4.80 लाख हेक्टेयर
धान की बुआई में सबसे ज़्यादा वृद्धि देखी गई है, जो किसानों की इस फसल में बढ़ती रुचि और अनुकूल मौसम का परिणाम है।
2. दालों की खेती में भी उत्साहजनक बढ़ोतरी
- सामान्य क्षेत्रफल: 21.65 लाख हेक्टेयर
- 2025: 24.25 लाख हेक्टेयर
- 2024: 21.48 लाख हेक्टेयर
- वृद्धि: 2.77 लाख हेक्टेयर
प्रमुख दालें:
- मूंग (Greengram): 2.27 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
- उड़द (Blackgram): 0.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
- अन्य दालें: स्थिर रही
3. श्री अन्न (मोटे अनाज) की स्थिति
- सामान्य क्षेत्रफल: 11.05 लाख हेक्टेयर
- 2025: 14.37 लाख हेक्टेयर
- 2024: 12.95 लाख हेक्टेयर
- वृद्धि: 1.42 लाख हेक्टेयर
उपवर्ग:
- ज्वार: 0.02 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
- बाजरा: 0.06 लाख हेक्टेयर की कमी
- रागी: 0.03 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
- मक्का: 1.43 लाख हेक्टेयर की सर्वाधिक वृद्धि
4. तिलहनों की बुआई में भी बढ़त
- सामान्य क्षेत्रफल: 7.86 लाख हेक्टेयर
- 2025: 9.45 लाख हेक्टेयर
- 2024: 9.23 लाख हेक्टेयर
- वृद्धि: 0.22 लाख हेक्टेयर
प्रमुख तिलहन:
- मूंगफली: 0.20 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
- सूरजमुखी: 0.06 लाख हेक्टेयर की वृद्धि
- तिल (Sesamum): 0.03 लाख हेक्टेयर की कमी
कुल योग:
- सामान्य कुल क्षेत्रफल: 71.34 लाख हेक्टेयर
- वर्तमान वर्ष (2025): 83.93 लाख हेक्टेयर
- पिछला वर्ष (2024): 74.72 लाख हेक्टेयर
- वृद्धि: 9.21 लाख हेक्टेयर
निष्कर्ष
ग्रीष्मकालीन फसलों की बुआई क्षेत्र में यह 9.21 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्शाती है कि किसान नवीन कृषि तकनीकों, जल प्रबंधन और सरकारी योजनाओं से लाभ उठा रहे हैं। विशेष रूप से चावल, मूंग और मक्का जैसी फसलों ने बुआई क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि दिखाई है।
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