भारत एक विशाल समुद्री सीमा और अंतर्देशीय जल संसाधनों वाला देश है। यहाँ मत्स्य पालन न केवल आहार और पोषण का स्रोत है, बल्कि लाखों लोगों के लिए आजीविका का माध्यम भी है। यह क्षेत्र कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और भारत को विश्व के शीर्ष मत्स्य उत्पादकों में स्थान दिलाता है।
मछली पालन के प्रमुख स्रोत
भारत में मत्स्य पालन दो मुख्य क्षेत्रों में विभाजित है:
1. समुद्री मत्स्य पालन
जिसमें तटीय क्षेत्रों में समुद्र से मछली पकड़ना शामिल है। यह पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में अधिक सक्रिय है।
2. अंतर्देशीय मत्स्य पालन
झीलों, तालाबों, नदियों और कृत्रिम जलाशयों में मछली पालन शामिल है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी हैं।
मत्स्य क्षेत्र में सरकार की योजनाएं और निवेश
भारत सरकार ने 2015 से मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं:
- नीली क्रांति (Blue Revolution)
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
- मछली और जलकृषि अवसंरचना विकास निधि (FIDF)
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC)
इन योजनाओं के माध्यम से ₹38,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। 2024-25 में भारत का मत्स्य उत्पादन 195 लाख टन रहा, और 9% वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
तकनीकी नवाचार: फिशटेक की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ‘FishTech’ यानी मत्स्य क्षेत्र में तकनीक के उपयोग पर ज़ोर दिया है। इसके अंतर्गत:
- सैटेलाइट तकनीक से मछुआरों को मछली वाले क्षेत्रों की जानकारी देना
- ड्रोन तकनीक से मछली का ताजा परिवहन करना
- स्मार्ट हार्बर और आधुनिक बाजारों का निर्माण
- प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट्स की स्थापना
ये कदम उत्पादन, गुणवत्ता, और वैश्विक निर्यात को बढ़ावा देते हैं।
अमृत सरोवर और सजावटी मत्स्य पालन
प्रधानमंत्री ने अमृत सरोवरों में मछली पालन की भी सिफारिश की है जिससे:
- जल स्रोतों की स्थिरता बनी रहे
- ग्रामीण स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ें
साथ ही, सजावटी मत्स्य पालन (Ornamental Fisheries) जैसे रंगीन मछलियों की खेती को भी आर्थिक गतिविधि के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सीवीड (Seaweed) और अन्य नवाचार
सीवीड को ईंधन, औषधि, पोषण व जैविक उत्पादों में इस्तेमाल के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण स्तर पर रोजगार भी सृजित होगा।
मछुआरों के लिए कौशल विकास और सुधार
सरकार मछुआरों के लिए प्रशिक्षण, नकारात्मक तत्वों की पहचान, और Ease of Doing Business पर काम कर रही है, जिससे उनकी आय और जीवनशैली में सुधार हो।
भारत की वैश्विक स्थिति
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक देश है। निर्यात में भारत की मछली खासकर झींगा (shrimp) को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अत्यधिक सराहा जाता है। मत्स्य क्षेत्र भारत के कृषि निर्यात में 10% से अधिक योगदान देता है।
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