आतंक का जवाब आतंक के गढ़ में
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य कृत्य के 15 दिन बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” नामक एक सुनियोजित सैन्य मिशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त एयरस्ट्राइक की।
24 मिसाइलों से 9 आतंकी ठिकाने तबाह
7 शहरों में फैले टारगेट
मंगलवार रात 2 बजे इंडियन एयरफोर्स ने 7 शहरों में फैले 9 आतंकी ठिकानों पर एक साथ हमला बोला। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई मुख्यालयों को ध्वस्त कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, इस हमले में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें कई शीर्ष कमांडर भी शामिल थे।
ऑपरेशन को मिला ‘सिंदूर’ नाम — एक श्रद्धांजलि
शहीदों की पत्नियों को समर्पित
इस ऑपरेशन को “सिंदूर” नाम दिया गया है, जो उन शहीदों की विधवाओं को समर्पित है, जिनका सिंदूर इस हमले में छिन गया। यह नाम राष्ट्रीय भावना और बलिदान की प्रतीक बनकर उभरा है।
मिशन की निगरानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
रीयल टाइम में लिया हर अपडेट
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस ऑपरेशन की रीयल टाइम निगरानी की। वे सेना प्रमुखों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में रहे और हर कदम पर अपडेट लेते रहे।
पाकिस्तान में मचा हड़कंप
सेना और सरकार के विरोधाभासी बयान
इस हमले के बाद पाकिस्तान में अफरातफरी मच गई है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत ने सीमा पार मिसाइलें दागीं जो नागरिक इलाकों में गिरीं। वहीं पाक मीडिया ने 6 भारतीय फाइटर जेट मार गिराने का दावा किया, जिसमें 3 राफेल, 2 मिग-29 और 1 सुखोई शामिल बताए गए। भारत ने इन दावों को बेबुनियाद बताया।
ISPR का बयान और भारत की सफाई
सिर्फ आतंकी ठिकाने ही थे निशाने पर
पाकिस्तान के ISPR डायरेक्टर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने 6 अलग-अलग स्थानों पर 24 मिसाइलें दागीं, जिससे 8 नागरिक मारे गए और 35 घायल हुए। वहीं भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ थी, किसी भी पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया।
अमेरिका और चीन की प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी हलचल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को “शर्मनाक” बताया और दोनों देशों से शांति की अपील की। वहीं चीन ने भारत की सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताते हुए संयम बरतने की सलाह दी।
पहलगाम हमला: देश को झकझोर देने वाली वारदात
धर्म पूछकर की गई हत्याएं
22 अप्रैल को हुए इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर गोलियां चलाईं। इस क्रूरता में 26 लोग मारे गए, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। पहले इस हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली, लेकिन बाद में उसने इससे इनकार कर दिया।
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