दिन में तारे क्यों नहीं दिखाई देता है? आकाश में टीम टीम करते हुए तारे देखकर बच्चे और बड़े बहुत खुश होते है और ये तारे इन दोनों को लुभाते है, लेकिन ये तारे केवल रात में ही दिखाई देते है दिन में नहीं! आईये जानते है कि ऐसा क्यों होता है|
कम शब्दों में कहें तो दिन में तारे नहीं दिखने का मुख्य कारण है, हमारा वायुमंडल| जब सूर्य का प्रकाश दिन के समय वायुमंडल से टकराता है तो वायुमंडल में उपस्थित धूल के कण प्रकाश को इधर उधर बिखेर देते हैं और आकाश नीला दिखाई देने लगता है जिसकी वजह से हमें दिन के समय में तारे दिखाई नहीं देते हैं| लेकिन रात के समय सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल को प्रकाशित नहीं करता है और तारों का प्रकाश पृथ्वी तक पहुंच पाता है जिसकी वजह से वह दिखाई देते हैं|
पेड़ के पत्ते हरे क्यों होते हैं?
आपने अपने आस पास पेड़ पौधे को देखे होंगे और यह भी देखे होंगे कि अधिकतर पौधे के पत्ते हरे रंग के होते हैं, तो क्या आपने कभी सोचा है कि पेड़ के पत्ते हरे क्यों होते हैं?
तो आइए जानते हैं ऐसा क्यों ?
पेड़ धरती पर जीवन की प्रमुख इकाई है। जीव प्राणियों को जिंदा रहने के लिए आवश्यक है ऑक्सीजन, भोजन आदि जो की पेड़ों द्वारा प्रदान की जाती है। जीवन को धरती पर बनाए रखने में पेड़ों का बहुत योगदान है|पेड़ के पत्ते हरे इसलिए होते हैं क्योंकि उनमें क्लोरोफिल होता है और क्लोरोफिल का रंग हरा होता है क्लोरोफिल ही वह पदार्थ है| जिसकी सहायता से वृक्ष अपना खाना बनाते हैं दरअसल पौधे भोजन के लिए सूर्य का प्रकाश का उपयोग करते हैं। जिसमें पौधे की पत्तियां अहम भूमिका निभाती है जिसे क्लोरोफिल कहते हैं।
इसकी उपस्थिति के कारण ही पेड़ के पत्ते हरे होते हैं क्लोरोफिल सूर्य के प्रकाश को संग्रहण करने में पत्तियों की मदद करता है अतः पतियों द्वारा संग्रहित ऊर्जा को पौध भोजन के रूप में संचित करते हैं यही कारण है कि पेड़ के पत्ते हरे होते हैं।
क्यों होती हैं बर्फ़ बारी
आपने कभी सर्दियों के मौसम में सुना होगा कि, पहाड़ो पर बर्फ़ बारी हो रही है जिसे इंग्लिश में (Snowfall) कहते है| ऐसे बहुत से जगह है जहां पर सर्दियों के मौसम में बर्फ़ बारी होती है लेकिन आखिर ऐसा क्यों होती है चलिए आज जानते हैं| असल में तालाब, नदियों आदि का पानी भांप बनकर (Water Vapour) आकाश ( Sky) में जाता हैं और संघनित होकर बारिश के रूप में जमीन पर गिरता है लेकिन जब यह जलवाष्प, आकाश में अधिक ऊंचाई पर पहुंच जाता है तो वहां का तापमान 0 डिग्री से कम होता है ऐसे में जलवाष्प का पानी बर्फ के कड़ों के रूप में छोटे छोटे जमने लगता है और जब यह बर्फ़ के कण आपस में मिलते तो इनका वजन बढ़ने लगता है जिसके भारी होने के कारण यह जमीन पर गिरने लगता है| बर्फ़बारी पहाड़ी इलाकों में इसलिए होती है क्योंकि वहां का तापमान मैदानी इलाकों की अपेक्षा ज्यादा होती है और मैदान से ज्यादा ठंडा भी होता हैं…… यही कारण है की बर्फ़ बारी होती हैं।
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