WhatsApp Image 2025 03 23 at 22.53.16 1

भांग, जिसे आमतौर पर नशे के रूप में देखा जाता है, वास्तव में एक बहुपयोगी पौधा है जिसका इस्तेमाल अब केवल पारंपरिक उद्देश्यों तक सीमित नहीं है। भारत में अब इसका उपयोग medicine, nutrition, personal care, wellness और industrial products के निर्माण में हो रहा है। उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में वैध रूप से इसकी खेती की जा रही है।

Hemp Cultivation: खेती शुरू करने के लिए चाहिए लाइसेंस

अगर आप भांग की खेती करना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे जरूरी है एक valid license। यह लाइसेंस आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) से प्राप्त होता है। आप अपने जिले के कृषि विभाग (Agriculture Department) से संपर्क कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल कर सकते हैं। सरकार भी इस क्षेत्र में किसानों और उद्यमियों को बढ़ावा दे रही है।

भारत में वैध भांग उद्योग की स्थिति

भारत में legal hemp market की वैल्यू लगभग ₹50 करोड़ तक पहुंच चुकी है और करीब 100 से अधिक startups इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। ये स्टार्टअप्स भांग के विभिन्न हिस्सों से दवा, स्किनकेयर, haircare, और nutrition supplements जैसे प्रोडक्ट्स बना रहे हैं।

औषधीय और पोषण से भरपूर पौधा

भांग के पौधे को Cannabis के नाम से भी जाना जाता है। इस पौधे के हर हिस्से का अपना अलग महत्व है। इसके ऊपरी फल-फूल वाले हिस्से से सुखाकर गांजा बनता है, जिससे तेल निकालकर चरस तैयार किया जाता है। इसकी पत्तियों को ही सामान्यतः भांग कहा जाता है। इसके अलावा तना और जड़ें भी industrial और medicinal उपयोगों में लाई जाती हैं।

Hemp Seeds: सुपरफूड की तरह लोकप्रिय

भांग के बीज को balanced grain माना जाता है। इनमें protein, omega-3 fatty acids, vitamins और fiber की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिससे इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। health conscious लोग और wellness industry इन्हें सुपरफूड की तरह उपयोग कर रहे हैं।

कहां होता है सबसे ज्यादा उपयोग?

एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्य भांग और उससे बने उत्पादों के सबसे बड़े उपभोक्ता हैं। इन राज्यों में गांजा-चरस का प्रयोग अधिक होता है, खासकर recreational और परंपरागत उद्देश्यों के लिए।

Tumblr

Read More


Discover more from अपना रण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from अपना रण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading