तुलसी का पौधा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका औषधीय महत्व भी बहुत अधिक है। यही कारण है कि इसे अधिकतर घरों में लगाया जाता है। तुलसी की पत्तियां कई रोगों में लाभदायक होती हैं, जबकि इसकी लकड़ी भी उपयोगी मानी जाती है। तुलसी का पौधा आसानी से उगाया जा सकता है और इसे ज्यादा देखभाल की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन गर्मियों में इसका विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
बढ़ती गर्मी के कारण तुलसी के पौधे के सूखने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, सही खाद, पानी और मिट्टी के प्रबंधन से इसे लंबे समय तक हरा-भरा (Green and Healthy) बनाए रखा जा सकता है। आइए जानते हैं गर्मी में तुलसी की देखभाल के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।
- गर्मियों में तुलसी को सही तरीके से पानी दें
गर्मियों में तुलसी के पौधे में पानी देना सबसे जरूरी प्रक्रिया होती है, लेकिन अधिक पानी देना भी नुकसानदायक हो सकता है। बहुत से लोग यह सोचते हैं कि गर्मी में पौधे को अधिक पानी की जरूरत होती है, इसलिए वे जरूरत से ज्यादा पानी डाल देते हैं, जिससे जड़ें गलने लगती हैं। तुलसी को सुबह और शाम हल्की मात्रा में पानी देना चाहिए। पानी देने से पहले यह जरूर देखें कि मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी हो।
क्या करें:
🔹सुबह 10 बजे से पहले या शाम को पानी दें, दोपहर में पानी न डालें।
🔹गमले में ड्रेनेज सिस्टम (Drainage System) सही होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए और जड़ें सड़ने से बचें।
🔹ज्यादा पानी देने की बजाय नमी बनाए रखना ज्यादा जरूरी होता है।
- दोपहर की तेज धूप से तुलसी को बचाएं
गर्मियों में दोपहर की चिलचिलाती धूप (Harsh Sunlight) पौधों के लिए हानिकारक होती है। तुलसी का पौधा भी इस तेज धूप से प्रभावित हो सकता है और मुरझाने या सूखने लगता है। इसलिए, इसे दोपहर की धूप से बचाना जरूरी है।
क्या करें:
🔹तुलसी को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की हल्की धूप (Morning Sunlight) मिल सके, लेकिन दोपहर में सीधी धूप (Direct Afternoon Sunlight) न पड़े।
🔹यदि तुलसी गमले में है, तो उसे शेड (Shade) या छांव वाली जगह पर रखें।
🔹यदि तुलसी को खुली जगह में लगाया गया है, तो ग्रीन नेट (Green Net) या छाया देने वाले कपड़े का उपयोग करें।
- मिट्टी का सही प्रबंधन करें
तुलसी के पौधे को अच्छा पोषण देने के लिए मिट्टी का सही प्रबंधन जरूरी है। मिट्टी से ही पौधे को पोषक तत्व मिलते हैं, इसलिए समय-समय पर इसे भुरभुरी (Loamy) और पोषक तत्वों से भरपूर बनाना चाहिए। अगर मिट्टी सख्त हो जाती है, तो पानी और हवा का संचार जड़ों तक नहीं हो पाता, जिससे पौधे की वृद्धि रुक जाती है।
क्या करें:
🔹मिट्टी को समय-समय पर भुरभुरा (Aerated) बनाएं ताकि जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंच सके।
🔹गोबर की खाद (Cow Dung Manure) या वर्मी कंपोस्ट (Vermicompost) मिट्टी में मिलाएं, जिससे पोषण मिलता रहे।
🔹जल निकासी का ध्यान रखें ताकि पानी ज्यादा समय तक मिट्टी में न रुके।
- गर्मियों में तुलसी की देखभाल के लिए अतिरिक्त टिप्स
🔹पत्तियों की सफाई करें: गर्मियों में धूल और गंदगी तुलसी की पत्तियों पर जम सकती है, जिससे इसका विकास प्रभावित हो सकता है। समय-समय पर पत्तियों को हल्के गीले कपड़े या पानी के स्प्रे से साफ करें।
🔹पौधे को नियमित छंटाई दें: सूखी या मुरझाई हुई पत्तियों को समय-समय पर काट दें ताकि नई पत्तियां सही तरीके से आ सकें।
🔹गर्मियों में तुलसी को ज्यादा छेड़छाड़ न करें: बार-बार पौधे को हाथ लगाने या उसकी पत्तियां तोड़ने से इसका विकास धीमा हो सकता है।
🔹बायोपेस्टिसाइड (Bio-Pesticide) का प्रयोग करें: गर्मियों में कीट और फंगस का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नीम का तेल (Neem Oil) या जैविक फफूंदनाशक का उपयोग कर सकते हैं।
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