
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी।
BHARAT RATNA का कोई लिखित प्रावधान नहीं है कि यह केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाए। यह पुरस्कार स्वाभाविक रूप से भारतीय नागरिक बन चुकी एग्नेस गोंखा बोजाखियू, जिन्हें हम मदर टेरेसा के नाम से जानते है और दो अन्य गैर-भारतीय – खान अब्दुल गफ्फार खान और नेल्सन मंडेला (1990) को भी दिया गया है।
भारत रत्न पुरस्कार के रूप में दिए जाने वाले सम्मान की मूल विशिष्टि में 35 मिलिमीटर व्यास वाला गोलाकार स्वर्ण पदक, जिस पर सूर्य और ऊपर हिन्दी भाषा में ”भारत रत्न” तथा नीचे एक फूलों का गुलदस्ता बना होता है पीछे की ओर शासकीय संकेत और आदर्श-वाक्य लिखा होता है।
भारत रत्न के साथ मिलती हैं ये सुविधाएं
- जीवन भर इनकम टैक्स नहीं भरना पड़ता ।
- जरूरत पड़ने पर Z grade की सिक्योरिटी दी जाती है।
- VVIP के बराबर का दर्जा दिया जाता है।
- विदेश यात्रा के दौरान भारतीय दूतावास के द्वारा ‘ भारत रत्न ‘ पाने वाले को हर संभव सुविधा प्रदान की जाती है।
- संसद की बैठकों और सत्र में भाग लेने की अनुमति होती है।
- कैबिनेट रैंक के बराबर की योग्यता मिलती है।
- जीवन भर भारत में AIR INDIA की प्रथम श्रेणी की मुफ्त हवाई यात्रा और रेलवे के प्रथम श्रेणी में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है।
Discover more from अपना रण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


You must be logged in to post a comment.