क्या कोई भी देश बना सकता है परमाणु बम? जानिए NPT संधि और तकनीकी चुनौतियाँ
ANAND SHARMA
परमाणु बम बनाना आसान नहीं हैपरमाणु बम के निर्माण के लिए विशेष वैज्ञानिक ज्ञान, उच्च स्तर की इंजीनियरिंग और परमाणु सामग्री (जैसे यूरेनियम-235 या प्लूटोनियम-239) की आवश्यकता होती है।– यह एक अत्यंत जटिल और गोपनीय प्रक्रिया है जिसे सामान्य देश बिना तकनीकी सहायता के नहीं कर सकते
परमाणु अप्रसार संधि (NPT) क्या है?NPT (Non-Proliferation Treaty) 1970 में लागू हुई थी।– इसका उद्देश्य है –1. परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना,2. परमाणु निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना,3. शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना।यह संधि दुनिया के अधिकांश देशों ने साइन की है।
कौन से देश परमाणु हथियार संपन्न माने गए?केवल 5 देशों को NPT के अनुसार वैध परमाणु शक्ति माना गया है:अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, और ब्रिटेन (ये देश 1967 से पहले परमाणु परीक्षण कर चुके थे)।भारत, पाकिस्तान, इज़राइल और उत्तर कोरिया ने NPT पर साइन नहीं किया।
भारत की स्थिति क्या है? भारत ने NPT पर कभी हस्ताक्षर नहीं किया क्योंकि इसे यह अनुचित लगा कि केवल 5 देशों को परमाणु शक्ति मान्यता दी गई है।भारत ने अपने वैज्ञानिक प्रयासों से 1974 में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया।
तकनीकी चुनौतियाँ क्या हैं?परमाणु ईंधन की उपलब्धता (यूरेनियम/प्लूटोनियम) पर सख्त अंतरराष्ट्रीय निगरानी होती है।– यूरेनियम को उच्च स्तर पर संवर्धित करना (enrichment) अत्यंत कठिन और खर्चीली प्रक्रिया है।– बम की डिज़ाइन, विस्फोट व्यवस्था और मिसाइल तकनीक की आवश्यकता होती है जो सामान्य देशों के पास नहीं होती।
अंतरराष्ट्रीय निगरानी और प्रतिबंध IAEA (International Atomic Energy Agency) देशों की परमाणु गतिविधियों पर नजर रखती है।यदि कोई देश संदिग्ध गतिविधियाँ करता है तो उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, आर्थिक दंड और राजनयिक दबाव डाला जा सकता है।
क्या फिर भी कोई देश बना सकता है?तकनीकी रूप से यदि कोई देश बहुत दृढ़ निश्चयी हो और संसाधन हो, तो वो वर्षों की मेहनत और भारी लागत के बाद बना सकता है।– लेकिन इसके लिए उसे अंतरराष्ट्रीय अलगाव और प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ सकता है।