Tag: Religious

CHHATH PUJA: लोकजीवन और सूर्योपासना

CHHATH PUJA: ‘लोकजीवन और सूर्योपासना’ BY ALOK KUMAR MISHRA आज विश्व के कोने-कोने में रहने वाला भोजपुरी भाषी अपने बहुप्रतीक्षित त्यौहार छठ पर पूजा कर रहा है. हम भोजपुरी भाषी…

श्री दुर्गा(MAA DURGA) नवरात्र व्रत कथा, जाप मंत्र और आरती

MAA DURGA के व्रत की विधि प्रात: नित्यकर्म से निवृत हो, स्नान कर, मंदिर में या घर पर ही नवरात्र में दुर्गा जी(MAA DURGA) का ध्यान करके यह कथा करनी…

Happy Navaratri:- देवी माता के नौं रूपों की सम्पूर्ण जानकारी

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार नवदुर्गा में, माता दुर्गा और माता पार्वती के नौ रूपों को एक साथ जोड़कर कहा जाता है। हर देवी के अलग-अलग वाहन हैं, अस्त्र-सस्त्र…

“हम जन्म क्यों लेते हैं, अगर हमें बाद में मरना ही है?” भगवान कृष्ण ने इस पर क्या कुछ कह है।

यह एक बहुत जरूरी सवाल है, बिना किसी स्पष्ट तार्किक तर्क के। भगवान कृष्ण ने कहा कि लोग अपने पिछले जन्म(अवतार) के दौरान किए गए कर्मों के कारण अपने कर्ज़ों…

कालनेमी कौन था, हनुमान जी ने उसका वध क्यों किया?

उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर जिले की कादीपुर तहसील में बीजेथुआ नामक स्थान पर स्थित है हनुमान जी का वह मंदिर जिसके बारे में कहा जाता है कि यहीं महाबली हनुमान ने…

भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से छठे स्थान पर हैं भगवान दत्तात्रेय… आईए उनके जीवन के बारे में जानते हैं

भगवान दत्तात्रेय की जयंती मार्गशीर्ष माह में मनाई जाती है। दत्तात्रेय में ईश्वर और गुरु दोनों के रूप समाहित हैं इसीलिए उन्हें ‘परब्रह्ममूर्ति सद्गुरु’ और ‘श्रीगुरुदेवदत्त’भी कहा जाता हैं। उन्हें…

Mahamrityunjaya Mantra: भगवान शंकर का अमोघ मंत्र

भगवान शंकर का अमोघ मंत्र है, “महामृत्युंजय मंत्र”,इसे सिद्ध कर लेने पर मनुष्य की अकाल मृत्यु नहीं होती है। यह मंत्र महान ऋषि मार्कण्डेय द्वारा रचा गया है। यह महामृत्युंजय…

कौरवों की एक बहन भी थी! क्या आपको पता है? महाभारत के इस रहस्य के बारे में

महाभारत की कहानी पूरी तरह से कौरवों और पांडवों पर आधारित हैं और उनके बीच हुए युद्ध के बारे में बताती है। महाभारत में कौरव के वंशजों के बारे में…

ब्रम्हा, विष्णु, महेश की उत्पत्ति कैसे हुई? आइए जानते हैं।

हिन्दू धर्म मे त्रिदेव ब्रम्हा, विष्णु और महेश को सभी देवताओं में सबसे श्रेष्ठ और पूजनीय माना जाता है। जिसमें ब्रम्हा देव को सृष्टि का रचनाकार, श्री हरि विष्णु को…

Bhagwan Shiv ki Teesri Aankh

भगवान शिव को अक्सर एक तीसरी आंख से दर्शाया जाता है और उन्हें त्रयंबकम, त्रिनेत्र आदि कहा जाता है । तीसरी आंख शिव भक्तों के लिए ज्ञान की दृष्टि विकसित…

केदारनाथ को ‘जागृत महादेव ‘ क्यों कहते हैं?

केदारनाथ के दर्शन करने के लिए भक्त साल भर का इंतेजार करते हैं। केदारनाथ की चढ़ाई को बेहद ही मुश्किल माना जाता है, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि भोले…

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